महासमुंद : ज़िले में धान ख़रीदी की अच्छी शुरुआत : लगभग 5 हज़... - CG Sandesh

महासमुंद : ज़िले में धान ख़रीदी की अच्छी शुरुआत : लगभग 5 हज़ार किसानों ने बेचा 13 हज़ार मेट्रिक टन से ज़्यादा धान

महासमुंद ज़िले में पुराने धान ख़रीदी केंद्र और इस वर्ष किसानों की सुविधा के लिए बनाए गए धान नए ख़रीदी केंद्र सहित 137 केंद्रों में दो महीने की धान खरीदी मंगलवार एक दिसंबर से शानदार शुरूआत हुई। ज़िले में अभियान के पहले दिन 4971 किसानों से मोटा, पतला तथा सरना 13762 मेट्रिक टन धान खरीदी की गई। धान खरीदी केंद्रों में जिला प्रशासन की ओर से किसानों के लिए समुचित व्यवस्था की गई थी। सुगमता से अपने मेहनत की कमाई का वाजिब दाम पाकर किसानों में खासा उत्साह देखा गया। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने खरीदी केंद्रों का दौरा कर व्यवस्था का जायजा भी लिया।

शुरुआत में जिले की 130 खरीदी केंद्रों में धान की खरीदी की गई। इसमें 10 नए खरीदी केंद्र भी शामिल हैं। धान बेचने के लिए किसानों में खासा उत्साह देखा गया। किसान सवेरे से अपनी अपने-अपने साधनो छोटी वाहन अथवा ट्रैक्टर में धान लादकर खरीदी केंद्र पहुंच गए। शुरुआत दिन फिलहाल मझले किसानों को प्राथमिकता से धान बेचने का मौका दिया गया है। बरोंडाबाज़ार केंद्र पर डेढ़ एकड़ भूमि स्वामी श्री विदेसी का सबसे पहले धान तुला उन्होंने 22 किवंटल धान बेचा।

पहले कलेक्टर  कार्तिकेया गोयल एवं पुलिस अधीक्षक  प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने काँटा-बाँट की पूजा की। बाद में किसान परिवार समेत धान बेचने आए थे। महासमुंद के बढ़गाव, बागबाहरा घोचापाली, पिथौरा के किशनपुर ल, सिरका सहित सरायपाली में नए बनाए गए ख़रीदी केंद्रों टेमरी, जगदीशपुर, रोहिना, चिमरकेल और सलखण्ड सहित अन्य केंद्र में पहली दफा खरीदी केंद्र बनने से किसान काफ़ी खुश दिखाई दिए। उनकी धान बेचने की दिक़्क़त को सरकार ने समझा और उसे पूरा किया । आखिरकार उन्हें अपने गांव में ही धान बेचने का मौका मिला।

आज अपर कलेक्टर  जोगेंद्र कुमार नायक ने खट्टी धान ख़रीदी केंद्र पहुँचे। उन्होंने धान ख़रीदी व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया और ज़रूरी निर्देश दिए। एसडीएम  सुनील चंद्रवंशी साथ थे। धान खरीदी केंद्र बिरकोनी, महासमुंद में धान में नमी की मात्रा 17% से अधिक होने पर, 265 क्विंटल धान का टोकन निरस्त कर वापस भेजा गया। ज़िले के अंदरूनी क्षेत्र में स्थित धान खरीदी केंद्र गढ़फुलझर एवं कुरचुन्दी में अधिकारी भ्रमण कर सुविधाओं का जायज़ा ले रहे हैं।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें