किसान अपने वास्तविक धान बेचने वांछित, सिंघनपुर के पटवारी पर भारी लापरवाही का आरोप, हजारों लाखो का उठाना पड़ेगा नुकसान.
बसना ब्लाक अंतर्गत सिंघनपुर ग्राम में कई गांवो के किसान टोकन कटवाने पहुँचे थे. जहाँ उन्हें इस बात की जानकारी हुई की उनके जमींन में रकबा की कम कर दिया गया है. जिससे किसान कई पैकेट धान बेचने से वांछित हो रहें है. और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
किसानों का कहना है कि गिरदावरी के समय जिम्मेदार विभाग द्वारा किसानों के खेतों में बिना गए घर बैठे गिरदावरी किया है. जिसके कारण रकबे में कमी आया है. इधर सिंघनपुर के पटवारी ने पहले तो धान खरीदी के सॉफ्टवेयर को ही गलत बताया दिय. पटवारी ने कहा कि सोसायटी के साफ्टवेयर में गड़बड़ी है. जिसके कारण किसानो का कम रकबा दिखा रहा है.
इसके बाद जब किसानों ने पटवारी को सिंघनपुर धान खरीदी केंद्र में बुलाया तो पटवारी रिकॉर्ड लेकर पहुँचे जहाँ उन्होंने निरीक्षण किया जिसमें किसानों का रकबा में कमी देखा गया. निरिक्षण के बाद पटवारी ने माना कि गलती हुआ है, जिससे किसान आक्रोशित हो उठे.
पटवारी ने किसानों की समस्या को लेकर किसानों के सामने तत्काल बसना तहसिलादर को दूरभाष के माध्यम से इस बारें में अवगत कराया तो तहसीलदार द्वारा मौका जांच टीम भेजने की बात कही है, पटवारी ने कहा कि जांच कर उच्च अधिकारियों के निर्देशन में आगे का कार्य किया जायेगा.
लेकिन क्या इसके बाद गिरदावरी में सुधार होगा या नही इस बात की भी कोई गारंटी नही है, किसान पिछले वर्ष के अपेक्षा इस वर्ष कम धान बेचने को मजबूर है. पिछले वर्ष के अलावा बहुत किसानों के रकबे को कम कर दिया गया है और एक बड़ा लापरवाही उजागर हुआ है.
कई किसानों ने सिंघनपुर पटवारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पटवारी और सम्बंधित विभाग द्वारा किसानों के खेतों में बिना गए घर बैठे रिपोर्ट तैयार किया गया है. इससे किसानों में भारी चिंता है कि आखिर वे कैसे धान बेच पाएंगे.