विभिन्न योजनाओं के तहत 42 हितग्राहियों का हुआ चयन
जिला पंचायत के सभाकक्ष में गुरूवार 03 दिसम्बर को कलेक्टर श्री कार्तिकेया
गोयल की उपस्थिति में जिला अंत्यावसायी सहकारी समिति द्वारा राष्ट्रीय
निगमों द्वारा संचालित योजनाओं में प्राप्त आवेदन पत्रों की जाॅचकर एवं
साक्षात्कार लेकर हितग्राहियों का चयन की कार्रवाई की गई।
योजना के तहत्
अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक के बेरोजगार युवक, युवतियों को
विभिन्न योजनाआंें हेतु स्व-रोजगार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर
उन्हें स्वावलंबी बनाया जाता है। जिले में 42 लक्ष्य के विरूद्ध 127 लोगों
ने आवेदन दाखिल किए थे। चयन समिति द्वारा जरूरी दस्तावेजों का परीक्षण किया
गया। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर सुश्री पूजा बंसल, कृषि विभाग के उप
संचालक श्री एस.आर. डोंगरे, आदिवासी विभाग के सहायक आयुक्त एन.आर. देवांगन,
जिला परिवहन अधिकारी श्री मोहन साहू, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के
महाप्रबंधक श्री अवधेश कुमार सिंह सहित विधायक प्रतिनिधि गण उपस्थित थे।
जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि विभिन्न योजनाओं के तहत् हितग्राहियों का चयन किया गया।
इनमें अनुसूचित
जाति ट्रैक्टर-ट्राॅली योजना में - 01 ईकाई लागत 08 लाख 71 हजार, अनुसूचित
जाति गुड्स कैरियर योजना में - 01 ईकाई लागत 07 लाख एवं अनुसूचित जाति
पैसेंजर व्हीकल में - 01 ईकाई लागत 06 लाख, अनुसूचित जाति लघु व्यवसाय में -
02 ईकाई लागत 03 लाख, अनुसूचित जाति लघु व्यवसाय में - 02 ईकाई लागत 02
लाख, अनुसूचित जाति लघु व्यवसाय में - 02 ईकाई लागत एक लाख, अनुसूचित
जनजाति ट्रैक्टर-ट्राॅली योजना में - 01 ईकाई लागत 09 लाख 08 हजार,
अनुसूचित जनजाति गुड्स कैरियर योजना में - 01 ईकाई लागत 06 लाख 25 हजार,
अनुसूचित जनजाति स्माल बिजनेस में - 02 ईकाई लागत 03 लाख, अनुसूचित जनजाति
स्माल बिजनेस में - 01 ईकाई लागत 02 लाख, अनुसूचित जनजाति स्माल बिजनेस में
- 01 ईकाई लागत एक लाख, आदिवासी महिला सशक्तीकरण में - 01 ईकाई लागत एक
लाख, पिछड़ा वर्ग टर्म लोन में - 01 ईकाई लागत एक लाख, पिछड़ा वर्ग टर्म लोन
में - 01 ईकाई लागत 03 लाख, अल्पसंख्यक टर्म लोन योजना में - 06 ईकाई लागत
एक लाख, सफाई कामगार स्कीम अप टू में - 02 ईकाई लागत एक लाख, सफाई कामगार
महिला अधिकारिता मंे - 01 ईकाई लागत एक लाख, सफाई कामगार महिला समृद्धि में
- 02 ईकाई लागत 50 हजार, अनुसूचित जाति महिला स्व-सहायता समूह में - 03
ईकाई लागत 05 लाख, अनुसूचित जनजाति महिला स्व-सहायता समूह मंें - 02 ईकाई
लागत 03 लाख एवं पिछड़ा वर्ग स्व-सहायता समूह में - 01 ईकाई लागत 03 लाख
रूपए है।