रसोड़ा के पूर्व खरीदी केंद्र में चबूतरा में सड़ता हुवा धान  - CG Sandesh

रसोड़ा के पूर्व खरीदी केंद्र में चबूतरा में सड़ता हुवा धान

फड से पानी निकासी के लिए जगह नही, करोड़ो का हो सकता है फिर से नुकसान, कब्जा से मुक्त करवाए गए जमीन में नाली नही बनाने दे रहा है पूर्व गैर कब्जा धारी प्रभारी ने कहा मै सक्षम नही

धान खरीदी केंद्र रसोड़ा को इस वर्ष नए जगह बसना से जगदीश पुर मार्ग पर जर्रा गांव के पास खोला गया है इसके पहले ये धान खरीदी केंद्र ग्राम पंचायत रसोड़ा के गांव अंदर था बताया गया कि जगह के कमी के चलते के मुख्य मार्ग के पास ही एक निजी भूमि में खरीदी किया जाता था जहाँ गांव के अंदर ही खरीदी होने के वजह से कई समस्याओं से गुजरना पड़ता था वही निजी भूमि में ही खरीदी किया जा रहा था

ग्रामीणों के मांग पर एक सरकारी जगह को अवैध कब्जा हटाकर नए धान खरीदी केंद्र खोला गया है यह नया धान खरीदी केंद्र बसना से जगदीपुर मार्ग में जर्रा के पास खोला गया है बता दे कि उक्त जगह में एक व्यक्ति का अवैध कब्जा था ग्रामीणों के मांग पर कलेक्टर महासमुंद के निर्देशन में सरायपाली एसडीएम कुणाल दुतावात और बसना तहसिलादर ललिता भगत के द्वारा उक्त जगह को जेसीबी लगाकर कब्जा मुक्त करवाया गया है जिसमे धान खरीदी केंद्र रसोड़ा का संचालन किया जा रहा है

बता दे कि जिस जगह धान खरीदी केंद्र खोला गया है वह एक खेत है एवं बहुत ही गड्ढे है इससे पानी गिरने पर निकासी नही हो पाएगा चुकी निकासी के लिए एक भी जगह नही बनाया गया और इससे भी बड़ा लापरवाही यह है कि खेत के मिट्टी में मुरुम तक नही डाला गया है पानी गिरने पर खरीदी केंद्र में बस कीचड़ ही कीचड़ हो सकता है वही पानी निकासी के लिए नाली निर्माण नही किया गया है और खेत मे खरीदी कर धान का स्टॉक लगाया जा रहा है पानी गिरने पर खेत से पानी बाहर जाने का कोई रास्ता नही है


इधर रसोड़ा हेमन्त कैवर्त खरीदी प्रभारी से चर्चा करने पर बताया कि इस जगह में एक व्यक्ति का कब्जा था जिसको सासन प्रसासन के मदद से हटाकर धान खरीदी केंद्र खोला गया है उसके बावजूद भी उक्त व्यक्ति के द्वारा धान खरीदी केंद्र में आकर फड को समतलीकरण और पानी निकासी के व्यवस्था बनाए जाने के लिए बाधा उतपन्न कर रहा है धान खरीदी केंद्र के मध्य एक बहुत ही बड़ा मेढ है उस मेढ को भी हटाने नही दिया जा रहा है रसोड़ा खरीदी प्रभारी का कहना है कि बिना निकासी के जगह बनाए खरीदी करना एक रिस्की है लेकिन मेरे द्वारा प्रयास किया गया लेकिन उक्त व्यक्ति द्वारा कार्य मे बाधा उतपन्न किया जा रहा है इसकी जानकारी एसडीएम और तहसीलदार को दिया गया है तथा उनजे मौजूदगी में ही पानी निकासी व्यवस्था और मेढ को हटाया जा सकेगा

चबूतरा में सड़ते हुए धान के इन तस्वीरों को देखकर आप अंदाज लगा सकते है कि आखिर निकासी के लिए उचित व्यवस्था क्यो जरूरी है चुबतरा पर सड़ते हुए धान रसोड़ा खरीदी केंद्र का है जहा पहले यही खरीदी किया जाता था जहा चबूतरा भी निर्माण करवाया गया है जिनमे पिछले वर्ष का धान अभी तक चबूतरे में पड़े पड़े सड़ रहा हैं इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि चबूतरा होने के बाद भी सैकड़ो हजारो पैकेट धान बर्बाद हो जाता हैं तो वही नए धान खरीदी केंद्र में बिना निकासी व्यव्स्था और बिना मुरुम बिछाए खेत पर खरीदे गए धान का क्या हालात होंगे.|


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