खरोरा खरीदी केंद्र में राइसमिल और खरीदी प्रभारी द्वारा बरती ... - CG Sandesh

खरोरा खरीदी केंद्र में राइसमिल और खरीदी प्रभारी द्वारा बरती जा रही लापरवाही, सरकार को हो रहा नुकसान.

धान खरीदी केंद्र में बारदानों को बिना सिलाई किए ही कटे-फटे बारदानों में धान भराई किया जा रहा है. जिससे बारदानों में धान भराई करने के बाद उन बारदानों से धान गिरने लगा है. मामला बसना ब्लॉक अंतर्गत धान खरीदी केन्द्र खरोरा का है जहा खरीदी केंद्र में चबूतरा में रखे गए के धान और जमीनों पर रखे गए बारदानों में धान के बोरियों से धान धीरे-धीरे गिरने लगे है. ऐसे में बोरियों से वजन घटते है और सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ता है.

बता दे कि धान खरीदी केंद्र खरोरा में महालक्ष्मी राइस मिल बसना द्वारा 9 हजार 500 भेजे गए बारदानो से लगभग 15 बंडल प्रत्येक बंडल 50 नग में गुणवत्ता हीन और कटे-फटे बारदाने मिले. वहीं सिद्धि विनायक महासमुंन्द राइस मिल द्वारा 5 हजार 500 बारदानों में 4 बंडल गुणवत्ता हीन बारदाने मिले. जिसको खरीदी प्रभारी द्वारा ना ही सुधार करवाया जा रहा है और नाही मिलर्स को वापस भेजा जा रहा है.

बताया गया कि नियमानुसार इसे सिलाई करके भेजवाना या अच्छी गुणवत्ता वाले ही बारदाना भेजने की जिम्मेदारी राइस मिलर्स की है, लेकिन बिना सुधार किए ही लगभग 5 दिन पहले ही भेज दिया गया था. उन बारदानो को खरीदी केन्द्र पहुँचने के बाद जिम्मेदारों द्वारा चेक तक नही करवाया गया कि राइस मिलर्स द्वारा भेजे गए बारदानों की स्थिति कैसे है.

नोडल अधिकारी टेकन लाल वर्मा ने कहा कि बारदानों को सुधार कर भेजने की जिम्मेदारी राइस मिलर्स की है, लेकिन धान खरीदी या उपार्जन केंद्रों में बारदानों को पहुँचने के बाद बारदानों की स्तिथि कैसा है चेक भी करवाना चाहिए, जिसके लिए प्रभारी ने लापरवाही बरता है.

महालक्ष्मी राइस मील बसना के संचालक निखिलेश अग्रवाल से संपर्क करनें पर बताया कि अगर बारदाने कटे-फटे है तो उन्हें चेक करके राइस मिल भेजवाना चाहिए. बारदानों को भेजे 5 दिन हो गया है और खरीदी केंद्र से प्रभारी द्वारा आज फोन किया गया है कि बारदाना खराब है. मैंने बारदानों को वापस मंगवाया है सुधार करके भेज देंगे.

इस बड़ी लापरवाही से किसानों को बारदानों की समस्या से जूझना पड़ रहा है. अगर सही समय मे चेक और सुधार किया जाता तो 5 दिन पहले की बारदानों को सुधार किया जा सकता था लेकिन बजाय सुधार करने के कटे-फटे बारदानों में धान भरा जा रहा है.


अन्य सम्बंधित खबरें