उद्घाटन के पहले ही 12 लाख के भवन पूरी तरह जर्जर, दुधिपाली पूर्व सरपंच और सचिवों ने दिया भ्रष्टाचार को अंजाम.
बसना ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत दुधिपाली में पूर्व कार्यकाल द्वारा 12 लाख की लागत से राजीव गांधी सेवा भवन के नाम से पूर्व कार्यकाल के सरपंच संतरा बाई जगत सचिव निमंकर पटेल द्वारा सत्र 15 -16 में भवन का निर्माण करवाया गया है. जिसमे भारी भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है.
दुधिपाली में बने राजीव गांधी सेवा भवन का अभी उद्घटान भी नही हुआ है और भवन के दिवालो में बड़ी-बड़ी दरारे आ चुका है. भंवन में लगाए गए टाइल्स उखड़ कर बाहर आ चुकें है. तथा भवन के सेंटर लेबल के पहले डीपीसी में भी दरार आ चुका है.
मामले में वर्तमान सरपंच दुधिपाली से संपर्क करनें पर पता चला की भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए ही पूर्व कार्यकाल द्वारा निर्मित राजीव गांधी लोक सेवा भवन का लोकार्पण जान बूझकर नही किया गया. चूंकि भवन का लोकार्पण किया जाता तो सरपंच सचिवों का पोल खुल जाता.

भ्रष्टाचार को छिपाने नागरिक सूचना पटल भी गायब
बता दें कि 12 लाख की लागत से बनाए गए इस भवन के बाहर एक नागरिक सूचना पटल भी बनाया गया था. जिसको पूरी तरह गायब कर दिया गया है. इससे यह भंवन कब बनकर तैयार हुआ है और कब लोकार्पण करना था इस बात की जानकारी नही मिल पा रही है. तथा लोगो को गुमराग करने के लिए भी सूचना पटल को हटा दिया गया है.
भंवन से स्ट्रीट
लाइट और इलेक्ट्रानिक समाने गायब और खराब पड़े हुए है. भवन के ऊपर में स्ट्रीट लाइट
लगया गया था वह भी गायब हो चूका है. भवन के अंदर और बाहर ब्लफ लगाए गए थे वह गायब
हो चुके है.
मामले में वर्तमान सरपंच से चर्चाकर पूछने पर बताया कि भंवन जर्जर हालत में टाइल्स उखड़ चुका है और लोकार्पण नही किया गया है. इसलिए उपयोग में नही लाया जा रहा है. पूर्व कार्यकाल से ही बनकर तैयार है.
जनपद पंचायत बसना पीओ से संपर्क करने पर बताया गया कि 3 लाख 55 हजार मनरेगा और बाकी बीआरजीएफ मद से स्वीकृति हुआ है. अगर भनव बन गया है तो उसको लोकार्पण करना चाहिए था. भवन जर्जर और टाइल्स कैसे उखड़ गए है जाँच करवाया जाएगा.

अब देखने वाली बात यह होगी कि इस भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद जिम्मेदार क्या कार्यवाही करते हैं. जर्जर भवन को फिर से मरम्मत किया जाएगा या भ्रष्टाचार में लिप्त पूर्व सरपंच और सचिव से रिकवरी किया जाएगा.
चूंकि इस बड़ी भ्रष्टाचार में शासन को 12 लाख रु का नुकसान तो हुआ ही है, इसके अलावा इस भवन से कई सारी योजनाए संचालित होनी थी उसपर भी अब ग्रहण लग चुका है.
यह थी प्लानिंग
महात्मा गांधी रोजगार गारंटी के कार्यों को आसान बनाने के उद्देश्य से भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्रों का निर्माण किया गया। योजनानुरूप केंद्र में न सिर्फ मनरेगा का दफ्तर होता बल्कि मजदूरी चाहने वालों के जॉब कार्ड भी बनाए जाने थे। इसके अलावा कम्प्यूटरीकृत माध्यम से किसानों को अपने खाते की नकल प्राप्त होती, गांवों में पंचायतों के कामों का पूरा ब्यौरा पारदर्शी ढंग से उपलब्ध होता।
वहीं लोगों की शिकवा-शिकायतें और ऑनलाइन फार्म भरने संबंधी अनेकानेक आधुनिक सुविधाएं नि:शुल्क दी जाती बिजली बिल भुगतान पटवारियों का कार्य । यहां तो इन तमाम उद्देश्य पर पानी फिरता दिख रहा है.
बता दे कि इस भवन के माध्यम से ग्राम पँचयतो को पूरी तरह इंटरनेट से जोड़कर आँन ग्रामीणों के समस्याओं को हल और योजनाओं को संचालित करना है जिसके लिए अभी गांव गांव भारत नेट योजना के तहत केबल बिछाकर इंटरनेट पहुचाने का कार्य किया जा रहा है।