बसना : चिमरकेल गोठान के शौचालय में गड़बड़ी, पशुओं के पानी व्यवस्था के लिए बनाए गए टंकी में दरार, मर रहे हैं पौधे.
सरकार द्वारा गांव-गांव में लाखों करोड़ों खर्च कर गोठानो का निर्माण करवाया जा रहा है. लेकिन सरकार के महत्वकांक्षी योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है. गोठानो में अब संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मचारी देखने तक नही जा रहे है.
बसना ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत चिमरकेल में गोठान निर्माण कार्य 19 लाख 62 हजार के लागत से किया गया था. गोठान और 19 लाख 30 हजार की लागत से 10 एकड़ में चारागाह का निर्माण किया गया है. बनाए गए गोठान में कई सारी लापरवाही और भ्रष्टाचार देखने को मिला है.
गोठान में एक शौचालय का निर्माण किया गया है. जिसमें शौचालय का दरवाजा पूरी तरह जाम है. जो कि नही खुल रहा है. तथा उस शौचालय में पानी की कोई व्यवस्था नही है. नल भी नही लगाया गया है. तथा सेप्टिंक टैंक को ढकने के लिए जिन सीमेंट के ढक्कनों से ढका जाना है वह भी बाहर पड़ा हुआ है.
जबकि इस पशुओं के लिए बनाए पानी टैंक में भी दरार है. तथा पानी टंकियों को देखने से ऐसा लगता है पिछले कई महीनों से इसका उपयोग नही किया गया है. 1 बुंन्द पानी तक नही था जिसमे ईट के टुकड़े और और आस-पास के पेड़ पौधों को पत्ते गिरे हुए मिले.
इसके आलावा चिमरकेल गोठान में हरियाली के लिए पेड़ पौधे भी लगाए गए है, और बांस बल्लियों के सहारे सुरक्षा घेरा भी लगाया गया है. लेकिन अधिकतर पेड़ पौधे सुख चुके है. तो कई जगहों में पौधे मारे जा चुके है. गोठान में पौधारोपण के लिए लाए गए कई पौधों को तो बिना रोपण के ही गोठान में एक पेड़ के निचे फेक दिया गया है. जो कि अभी की स्थिति में सब पौधे मर चुके है. तो वही कई सारे सुरक्षा घेरा भी टूट चुकें है.
सूखे पौधे और खाली टंकियों को देखकर ऐसा लगता है कि गोठान में बोर खुदाई होने के बाद भी पेड़ पौधों पर पानी नही डाला जा रहा है. वहीं पशुओं के लिए बनाए गए टंकी में भी पानी देखने को नही मिला. गोठान में बोर के साथ-साथ सोलर भी लगाया गया है.
मामले में चिमरकेल सरपंच और सचिव से कई बार संपर्क कर बात करने का प्रयास किया गया लेकिन फोन नही उठाये.
मामले में तकनीकी सहायक पूर्णिमा ठाकूर से संपर्क कर समस्याओं को अवगत कराने पर कहा कि हमारे द्वारा गोठान निर्माण कर पंचायत और गोठान समिति को सौंप दिया गया है. गोठान को सही रूप से संचालित करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और गोठान समिति का है.
तकनीकी सहायक पूर्णिमा ठाकुर ने शौचालय और पशुओं के लिए पानी टैंक निर्माण गड़बड़ी के बारे में कहा कि उसको सुधरवा दिया जायेगा.
पूर्णिमा ठाकुर ने कहा कि गोठान को सही तरीके से संचालन करने की जिम्मेदारी पंचायत और गोठान समिति का है. अगर किसी भी प्रकार का लावारवाही बरता जा रहा है तो संबंधित विभाग के अधिकारियों से और गोठान समिति का बैठक लेकर बिगड़े हुए कार्यो का सुधार किया जाएगा.