बसना : सचिव की कार्यप्रणाली से पंच-सरपंच नाखुश, मनोदय नहीं मिलने से की जनपद सी.ई.ओ से शिकायत, नदारद रहने से होती है ग्रामीणों को परेशानी.
बसना ब्लॉक के ग्राम पंचायत दलदली में इन दिनों सचिव की कार्यप्रणाली से पंच-सरपंच नाखुश है. और सचिव की शिकायत बसना जनपद सी.ई.ओ से की गयी है. और मामले की जाँच करने को कहा गया है.
ग्राम पंचायत दलदली के सरपंच अहिल्या पटेल, उपसरपंच भूमिका नायक सहित 5 पंच नंदकुमारी यादव, राधेश्याम यादव, पार्वती चौधरी, उर्मिला बरिहा और संतरा बाई जगत ने बताया कि पंच-सरपंच को शासन के द्वारा दिये जाने वाला मनोदय उन्हें देने में सचिव आनाकानी कर रहा है.
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सचिव मनोदय की राशि को गबन करने की नियत से उन्हें राशि नहीं दे रहा है. और शिकायतकर्ताओं ने बताया कि पिछले 6 माह से उन्हें मनोदय नहीं मिला था जिसकी राशि एक साथ पंचायत में आयी थी.
जिसकी जानकारी होने पर उन्होंने सचिव से कहा तो दलदली के सचिव नवधा राम उन्हें 2 माह से मनोदय नहीं आया है कहता है. और आएगा कि नहीं इसकी कोई जानकारी नहीं है कहता है. जबकि उनके द्वारा जनपद में पता करने पर बताया जाता है कि मनोदय कि राशि पंचायत के खाते में भेज दिया गया है.
पंचों का कहना है कि सचिव द्वारा लगातार घोर लापरवाही बरती जा रही है, सचिव लगातार पंचायत से नदारद रहते है. जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है. उन्होंने बताया कि अब से लगभग 1 वर्ष पूर्व कुछ जरुरतमंद वृद्ध लोगों ने सचिव को वृद्धा पेंशन की राशि शासन द्वारा प्राप्त करने के लिए आवेदन हेतु कहा था.
लेकिन 1 साल बीत जाने के बाद भी सचिव द्वारा उनका आवेदन प्रस्तुत नहीं किया जिसके चलते वे अब भी वृद्धा पेंशन की राशि प्राप्त करने से वांछित है. और अब सचिव द्वारा उन्हें लोक सेवा केंद्र में जाकर आवेदन करने को कहा जाता है. यदि सचिव द्वरा समय पर वृद्ध लोगों का आवेदन कर दिया गया होता तो आज उन्हें लोक सेवा केंद्र जाने की जरुरत नहीं होती.
जहाँ पंचायत सचिव द्वारा कभी कभार पंचायत आने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं पंचों ने सचिव पर पंचायत के विभिन्न कार्यो में भी अनिमियताएं बरते जाने का आरोप भी लगाया है.
पंचों का कहना है कि सचिव पंचायत से नदारद तो रहते ही हैं साथ ही उन्हें कई बार जब प्रस्ताव की जानकारी दिखाने को कहा जाता है तो भी वे पंचायत नहीं आते हैं. उनका कहना है कि यदि सचिव की कार्यप्रणाली ऐसे ही रही तो जल्द ही वे अपने पंचायत से सचिव को हटाने की मांग करेंगे.