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मजदूर दलालों का सरदार जगत गुप्ता व लतीफ खान बड़ी होशियारी से महिला को खल्लारी पुलिस के सुपुर्द कर पल्ला झाड़ लिए - लोकेश चन्द्राकर

जिले में लगातार भट्ठा सरदारों द्वारा सुदूर प्रदेश ईंट भट्ठों में कार्य कराने हेतु ग्रामीण क्षेत्रों के मजदूरों को चंद रुपयों का लालच दिखाकर अपने गृह ग्राम को छोड़ अन्य प्रदेश जाने मजबूर करने वाले भट्ठा सरदारों ने अब अपना तरीका बदल लिया है।

इसी तारतम्य में सुविज्ञ सूत्रों से प्राप्त जानकारी मिलने उपरांत महासमुन्द जनपद सदस्य प्रतिनिधि लोकेश चन्द्राकर ,सभापति रामेश्वर गब्बर साहू एवं सभापति हेमंत डड़सेना द्वारा फील्डिंग से मैट व मजदूर बिचक नही पाए।

विगत दिनों रात्रिकालिन बिहाझर निवासी भट्ठा सरदार बुद्धेस्वर साहू द्वारा ग्राम जोबा,गढ़सिवनी के मजदूरों को सीजी 04 एच क्यू 6075 में लगभग 25 मजदूरों को बिहाझर बुलवाकर सुदूर प्रदेश भेजने की तैयारियां हो चुकी थी जो कि,जनपदप्रतिनिधियों ने उनके मंसूबे को नाकाम कर मजदूरों को वापस उनके घर भिजवा दिए । दूसरी कड़ी में ग्राम टूरिडीह निवासी भट्ठा सरदार खिलावन एवं छिलपावन निवासी ज्योति द्वारा वही रांची झारखंड हेतु ग्राम कोकड़ी निवासी 10 से 12 मजदूरों को शिवनाथ ट्रेवल्स की बस पर बिठाकर ले जाने की फिराक में थे। 

जो जनप्रतिनिधियों को देखते ही ज्योति भाग खड़ी हुई व खिलावन दोनों अपना मोबाइल बन्द कर दिए । ग्राम कोकड़ी के मजदूरों को भी उनके निवास स्थान भिजवाया गया।कुछ ऐसा ही नजारा खल्लारी विधानसभा में सामने आया है। खल्लारी थाना अंतर्गत एक गांव से एक महिला श्रमिक का खुलेआम मजदूर दलालों ने अपहरण कर लिया। हालाकिं इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन, जिस मजदूर दलाल ने थाना तक महिला को पहुंचाया, उससे पुलिस पूछताछ करना भी मुनासिब नहीं समझा। सरपंच संघ के एडिशन ठाकुर, तरूण व्यवहार, महानंद कुमार निषाद, दिलीप चक्रधारी, मनोज चंद्राकर, सोमनाथ तोंडेकर ने बताया कि पुलिस का मजदूर दलालों से मिलीभगत स्पष्ट है।

स्पष्ट दिख रहा है कि जो व्यक्ति अपहृत महिला को थाने तक पहुंचाया वह जिले का सबसे बड़ा मजदूर दलाल है। जिनका नाम जगतकुमार गुप्ता है। साथ इनके साथ दूसरा मजदूर दलाल लतीफ खान भी मौजूद है। वीडियो में मजदूर दलाल यह कहते दिख रहे हैं कि उनके घर और दुकान के सामने बैठकर महिला रो रही थी, मानवता के नाते वह खल्लारी थाने छोड़ने आए हैं। हालांकि पुलिस को इससे क्या मतलब बिना मेहनत ही मजदूर दलाल अपृहत महिला को पुलिस थाने में छोड़ कर बेखौफ वापस चले गए। जिनसे पुलिस ने पूछताछ भी नहीं की। पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरपंच संघ में आक्रोश है।

प्रेस नोट में कहा गया है कि खल्लारी पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर ही अपहृत महिला को छुड़वाकर ओड़िशा निवासी एक महिला सहित दोनों आरोपियो को धर दबोचने में सफलता हासिल की है. ओड़िशा के नुआपाड़ा के ग्राम महुआभाठा निवासी प्रकाश जैन पिता सुंदरलाल एवं महिला भट्ठा दलाल यशोदा मांझी पिता स्व बंसीलाल अक्सर प्रार्थी के घर आकर अपना उनके ऊपर 22 हजार का कर्ज बताकर उसे वापस मांगते थे. पर प्रार्थी परिवार के रुपए न देने पर आरोपियों ने 7 दिसम्बर मंगलवार को प्रार्थी की बहू को ही अपने साथ ले गए और उसे ईंट भट्ठा में मजदूरी करने का दबाव बनाने लगे. उस दौरान उसे बाहर निकलने आने-जाने भी नहीं दिया जाता था. प्रार्थी की रपट के बाद जांच में थाना प्रभारी द्वारा तत्काल कार्रवाई कर आरोपियों को ओड़िशा स्थित उनके घरों से दोनों आरोपियों की गिरफ्तार कर थाना में पूछताछ की गई

पुलिस का ऐसे रहा योगदान

आरोपियों के बयान के आधार पर दोनो आरोपियों पर धारा 370, 506, 365, 354 (क) एवं 34 भादवि के तहत कार्रवाई की गई. पूरी कार्रवाई में जिला पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में खल्लारी थाना प्रभारी दीपा केंवट, साइबर प्रभारी संजय राजपूत, प्रआ माधोराम यादव एवं सतीश पांडेय सहित म आ हेमलता साहू एवं दुर्गा भोई का सक्रिय योगदान रहा. ज्ञात हो कि इस वर्ष कोरोना संक्रमण के बावजूद हजारों मजदूरों को जिले के विभिन्न क्षेत्रों से भट्ठा दलालों द्वारा ले जाया गया है। इस दौरान प्रशासनिक कार्यवाही भी हुई इसके बावजूद भट्ठा दलाल बेख़ौफ़ प्रशासन द्वारा घर पहुंचाए गए मजदूरों को पुनः भट्ठा ले गए. अब भट्ठा ले जाने वाले मजदूर खुलेआम घूम भी रहे हैं और कुछ दलाल मजदूरों को ले जाने के लिए लाइसेंस की प्रक्रिया भी प्रारम्भ करने की खबर है।


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