आरंगी नरसैय्यापल्लम और बडेटेमरी में नियम के विपरीत बिना ड्रेनेज के धान थप्पी कर रहे है प्रभारी, फिर से सरकार को नुकसान होने की आशंका
धान खरीदी केंद्र जाडामुड़ा, नरसैय्यापल्लम और बडेटेमरी में धान खरीदी प्रभारियों द्वारा भारी लापरवाही बरता जा रहा है. नियम कायदे ताक में रखकर किसानों से खरीदे हुए धान का स्टॉक बिना ड्रैनेज के थप्पी किया जा रहा है.
धान खरीदी जाडामुडा में प्रभारी मिनकेतन पटेल द्वारा किसानों से खरीदे हुए धान को जमीन पर सिंगल ड्रेनेज लगाकर थप्पी मारा जा रहा है. इससे ना केवल भूसा और प्लास्टिक बोरियों का रकम बचाया जा रहा है बल्कि इससे सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ता है.
बता दे कि पिछले साल आरंगी, जाडामुडा में शार्टेज आने के बाद वहां के प्रभारी को हटाकर मिनकेतन पटेल को प्रभारी बनाया गया है. जिसके द्वारा जमीनों पर सिंगल ड्रैनेज लगाकर ख़रीदी किया जा रहा है. और आक्सस्मिक वर्षा होने पर धान के भीगने की आशंका है.
वहीं बडेटेमरी धान खरीदी में प्रभारी द्वारा भारी लावारवाही बरता जा रहा है, धान खरीदी प्रभारी द्वारा 2 नया चबुतरे में बिना ड्रेनेज के थप्पी करवाया गया है. और बाहर में सिर्फ दिखावे के लिए ड्रैनेज लगा दिया गया है. और अंदर देखने पर एक भी ड्रेनेज नही लगा हुआ है
वही जमीज पर खरीदे गए धान को डबल ड्रेनेज लगाकर थप्पी करना है लेकिन कई जगहों पर सिंगल ड्रेनेज लगाकर धान को थप्पी करवाया जा रहा है. जिसके कारण वर्षा होने पर निचे के धान सड़ सकते है. बता दे कि पिछले वर्ष यहां भी शार्टेज आने के बाद पूर्व प्रभारी गौतम डड़सेना को हटाकर पदमन साव को बडेटेमरी का प्रभारी बनाया गया है.
बडेटेमरी के प्रभारी पदमन साव से चर्चा करने पर गोल माल जवाब देते रहे, तथा हेमालो को इसके लिए जिम्मेदार बताया और कहा कि प्लास्टिक बिरियो में ज्यादा ज्यादा भूषा भरने के कारण खत्म हो गया. चर्चा के दौरान गोल माल जवाब देते हुए यह भी कह डाले की भूषा खत्म हो जाने के कारण भी ड्रेनेज नही लगाया गया.
प्रबंधक पीताम्बर पटेल बसना से चर्चा करने पर बताया कि मेरे तरफ से भूषा उपलब्ध करवाया गया है, और चबूतरा में सिंगल ड्रेनेज और जमीन में डबल ड्रेनेज लगाने कहा गया है. अगर लापरवाही बरता जा रहा है तो उसके जिम्मेदार वहां के प्रभारी है. कुछ भी नुकसान होता है उनके जिम्मेदार वहां के प्रभारी होगा, फिर भी मैं जाकर स्वयं देखूँगा.
ड्रेनेज क्यो है जरूरी
धान खरीदी में ड्रेनेज आवश्यक रूप से दिशा निर्देश दिए गए थे, कि चबूतरा में सिंगल और जमीन पर डबल ड्रेनेज लगाकर कर ही खरीदे हुए धान का थप्पी या स्टॉक करना है. इससे पानी गिरने पर भी पानी निचे से बहकर निकल जाता है निचे के हिस्सों का धान का भीगने के चांसेस कम होती है और नुकसान से भी बचाया जा सकता है.
