बसना : आंगनबाड़ी का शौचालय ध्वशत, नही है अधिकारियों का ध्यान - CG Sandesh

बसना : आंगनबाड़ी का शौचालय ध्वशत, नही है अधिकारियों का ध्यान

देश का भविष्य कहे जाने वाले बच्चों के साथ खिलवाड़ क्यो ? कोरोना काल मे भी जहाँ स्कूल कॉलेज बन्द है, ऐसे हालात में आंगनबाड़ी में बच्चे पहुँच रहे है और गरम भोजन और पूरक पोषण आहार और पढ़ाई कर रहे है.

ग्रामीण क्षेत्र के आंगनबाड़ी में बच्चों लिए एक शौचालय और मूत्रालय निर्माण किया गया है. लेकिन अभी वर्तमान स्तिथि में पडकीपाली आंगनबाड़ी का शौचालय कबाड़ खाने जैसा दिखने लगा है. इसका उपयोग नही हो रहा है. ना ही पानी की व्यवस्था है, और नाही उपयोग के लायक प्रसाधन.

कहने को तो ग्राम पंचायत रूपापाली रूर्बन मिसन में आता है, इस योजना का कार्य ग्रामीण क्षेत्रों को शहर जैसे सुख सुविधा देना है, लेकिन आंगनबाडी के शौचालय तक को मरम्मत नही किया जा रहा है.

आंगनबाड़ी और स्कूल के परिसर में लगे नलजल कनेक्शन में पानी नही आता है. स्कूल और आंगनबाड़ी के बच्चो को हेण्डपम्प का इस्तेमाल करना पड़ता है, जबकि यहां नलजल से परिसर में कनेक्शन दिया गया है.

सरपंच प्रतिनिधि बनिता सुभास दास ने कहा कि आचार संहिता के पहले आंगनबाड़ी मरम्मत के नाम से आहरण हुआ है. आंगनबाड़ी के शौचालय और नलजल का हालात कैसा है यह तो मूझे नही पता. आज तक मुझे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा समस्याओं का अवगत नही कराया गया.

सरपंच प्रतिनिधि ने चर्चा करते हुए बताया कि पूर्व कार्यकाल में पूर्व सरपँच उत्तम जगत और सचिव डालेशर चौधरी द्वारा आचार संहिता के पहले आंगनबाड़ी मरम्मत के नाम से रकम आहरण किया गया है. इसके बाद भी आंगनबाड़ी का शौचालय इतना जल्दी कैसे खराब हो गया हो सकता है कि शौचालय का मरम्मत ही नही किया होगा.

सरपंच प्रतिनिधि ने कहा कि आपके द्वारा समस्याओं का अवगत कराया गया, आंगनबाड़ी के शौचालय और नलजल का सुधार करवाया दिया जाएगा.

महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी बसना चंद्रहास नाग से सम्पर्क कर चर्चा करने पर बताया कि निर्माण कार्य का देखरेख जनपद पंचायत द्वारा किया जाता है. जनपद से सरपंच सचिव लोग बनवाते है. मरम्मत के लिए जनपद से ही फंड जारी होता है.

वहीं मामले में जनपद सीईओ सनत महादेवा और ग्राम पंचायत रूपापाली के सचिव डालेश्वर चौधरी को दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया. लेकिन फोन भी उठाना उचित नही समझे.


अन्य सम्बंधित खबरें