महासमुंद : पुलिस वाले पर गलत तरीके से गिरफ्तार कर खर्चा पानी... - CG Sandesh

महासमुंद : पुलिस वाले पर गलत तरीके से गिरफ्तार कर खर्चा पानी मांगने का आरोप, कार्यवाही की मांग.

महासमुंद वार्ड नं.-12 पिटियाझर निवासी योगेन्द्र  चन्द्राकर  ने महासमुंद कोतवाली पुलिस पर आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक महासमुंद से की है.

पिटियाझर महासमुंद के किसान  योगेन्द्र  चन्द्राकर  ने पुलिस पर गलत ढंग से प्रथम सुचना दर्ज कर, खर्चा पानी माँगने का आरोप लगाया है.

योगेन्द्र  चन्द्राकर  ने बताया कि उसके विरुद्ध एक मामले में साक्ष्य एकत्र करने के उद्देश्य से उसने सुचना का अधिकार आवेदन जनसुचना अधिकारी को 20 नवंबर 2020 को प्रस्तुत किया था, जिसमें 30 अक्टूबर 2020 के सायंकाल 07:30 बजे से 08:30 बजे तक थाना परिसर एवं थाना के अंदर का सी.सी.टी.वी फुटेज की मांग की गई थी.  

किन्तु सम्बंधित के द्वारा जानकारी लोक क्रियाकलाप या हित से सम्बंध नही रखनें से जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 8(1) के तहत तथा सी.सी.टी.वी फुटेज थाना की सुरक्षा की दृष्टि से एवं थाना मे आने जाने वाले गवाहों, पीड़ित महिलाओं के प्रतिष्ठा को देखते हुए तथा सी.सी.टी.वी. कैमरा 24 घण्टे चलने से बैकअप कम होने के कारण स्टोरेज नहीं होने से सी.सी.टी.वी. फुटेज दिया जाना सम्भव नही होना लेख कर, अधिनियम की धारा 8(1) का गलत परिभाषा कर, सुचना प्रदान करने से इंकार किया गया.

योगेन्द्र  चन्द्राकर  ने बताया कि उसके द्वारा प्रथम अपीलीय अधिकारी को 50 रुपये शुल्क के साथ दिनांक 04 दिसंबर 2020 को आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसकी सुनवाई हेतु 21 दिसंबर 2020 के 11:00 बजे तक अनु.अधि.(पुलिस) कार्यालय थाना सिटी कोतवाली परिसर महासमुंद में आवश्यक रुप से उपस्थित होने के लिए 15 दिसंबर 2020 को नोटिस जारी किया गया था.

जिस पर योगेन्द्र  चन्द्राकर  कार्यालय में उपस्थित हुआ था, उसी दौरान सम्पत लाल महापात्र ( महासमुंद कोतवाली पुलिस) के द्वारा नियम विरुद्ध बिना पूर्व लिखित सुचना के योगेन्द्र  चन्द्राकर  को गिरफ्तारी कर थाना मे बैठाकर रखा गया. और स्वयं धरना ड्यूटी में चला गया. जिस घटना को सी.सी.टी.वी फुटेज मे देखा जा सकता है.

योगेन्द्र का कहना है कि अगर मेरी किसी मामले में गिरफ्तारी करनी ही थी तो मुझे कानून में उल्लेखित धराओं के द्वारा नोटिस जारी करके बुलाया जा सकता था, जिससे मैं अपने परिजनों के साथ उपस्थित होकर अपना जमानतदार साथ में रखता.

लेकिन उसे पुलिस के द्वारा तुम्हारा जमानत कौन कराएगा करके डराया धमकाया जा रहा था एवं खर्चा पानी लगेगा करके मांग की जा रही थी. योगेन्द्र  चन्द्राकर  ने बताया कि उसके विरुद्ध झूठा रिपोर्ट लिखकर पुलिसवालों द्वारा जान बूझकर प्रताडित किया जा रहा है. और उन्होंने सम्पतलाल के विरुद्ध उचित कार्यवाही की मांग करते हुये, कहा कि अगर मुझे कुछ होता है तो इसके लिए पुलिस प्रशासन एवं विरोधी पक्ष जिम्मेदार रहेगा.

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