बसना : एयर गन को सुधारते समय हुई मौत के मामले ने लिया मोड़, मृतक के माँ ने लगाया युवती से प्रेम सम्बंध में परिवार वालो द्वारा प्रताडित करने का आरोप.
ग्राम बोईरडीह के लंबोदर प्रधान आत्महत्या के मामला, में गांव की एक युवती सहित तीन लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत किया गया है. बता दे कि कुछ दिन पहले 04 11 को बसना थाना अंतर्गत ग्राम बोइरडीह में लम्बोदर प्रधान द्वारा एयरगन को सुधारते समय करते समय गोली चलने से मौत होने की बात बतायी जा रही है.
बसना पुलिस द्वारा मामले में मर्म कायम किया गया था, लेकिन मामले ने मोड़ ले लिया है अब मृतक लम्बोदर प्रधान की मां ने गांव के ही एक युवती और उनके परिवार वालो पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है.
इस सम्बंध में बसना एसआई भोई से संपर्क कर चर्चा करने पर बताया कि कुछ दिन पहले ही मामले में मृतक लम्बोदर प्रधान के मामा ने शिकायत करते हुए बताया था कि लम्बोदर प्रधान द्वारा अपने घर मे एयरगन को सुधार करते हुए गोली चलने से हुए मौत जिसमे बसना पुलिस द्वारा जांच पंचनामा कर मर्म धारा 174 कायम किया था, जिसमे अब मृतक की माँ ने प्रेम प्रसंग में प्रताड़ित करने का आरोप लगया गया है.
एसआई भोई ने कहा कि मृतक के माँ के द्वारा अब बयाना बदला जा रहा है, फिर भी मामले में जांच जारी है, कॉल विवरण मंगाए गए हैं, आरोप सही पाए जाने पर एफआईआर दर्ज किया जाएगा.
आपको बता दें कि ग्राम बोईरडीह की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कल्पना प्रधान पति विद्याधर प्रधान ने अपने पुत्र लंबोदर प्रधान के आत्महत्या मामले में बसना पुलिस से लिखित शिकायत किया है कि उसके पुत्र लंबोदर प्रधान ने गांव की ही एक युवती एवं उसके माता-पिता के शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर गत दिनों आत्महत्या किया है. जिसके लिए तीनों के विरुद्ध आत्महत्या करने के लिए उत्प्रेरित करने का मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता कल्पना प्रधान पति तलाकशुदा विद्याधर प्रधान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में ग्राम बोईरडीह में कार्यरत है. जिसका पुत्र लंबोदर प्रधान दुर्ग में पॉलिटेक्निक कॉलेज की इलेक्ट्रिकल मैकेनिकल ब्रांच में डिप्लोमा प्राप्त कर, वर्तमान में भिलाई नगर के साईं कॉलेज में पी सी ए द्वितीय वर्ष का छात्र था. मार्च माह में संपूर्ण लॉकडाउन के कारण वह ग्राम बोईरडीह वापस आ गया था.
अनावेदक गण भी ग्राम बोईरडीह के हैं और गाँव में ही किराना दुकान चलाते हैं, जिसमें उसकी पुत्री भी दुकान में बैठती थी. वहां पर लंबोदर प्रधान राशन सामग्री लेने दुकान आता जाता था, तब से उक्त युवती के साथ दोनों का आपस में प्रेम संबंध स्थापित हो गया था.
आवेदिका कल्पना प्रधान ने आगे बताया कि मेरा पुत्र के साथ युवती का परिचय हो जाने के पश्चात युवती द्वारा उसे अपने घर में सीसीटीवी बनवाने तथा कूलर फ्रिज बनवाने के लिए अपने घर में बुलाना प्रारंभ कर दिया. जिससे दोनों का प्रेम संबंध बहुत ज्यादा बढ़ गया था.
तब युवती द्वारा अपने अपने परिवार को तथा कल्पना प्रधान और उसके माता पिता को आपस में प्रेम संबंध होने की जानकारी देकर, विवाह के लिए अपने परिवार के समक्ष प्रस्ताव भेजे जाने हेतु निवेदन किया था. तब कल्पना प्रधान के द्वारा अपने एकमात्र पुत्र लंबोदर की इच्छा पर स्वीकृति देकर, अपने माता पिता को अपने पुत्र लंबोदर के विवाह के लिए अनावेदकों के घर प्रस्ताव लेकर भेजा था. तब अनावेदक गण द्वारा कल्पना प्रधान को अपमानित करते हुए कहा गया कि तुम्हारी औकात क्या है.
युवक लंबोदर की मां एक साधारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है तथा अपना परिवार चला रही है, जहाँ उसे लंबोदर, कल्पना प्रधान का नाजायज औलाद है. हम ऐसे परिवार में अपनी लड़की कैसे देंगे? निकल जाओ यहां मेरे घर से. तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई हमारे घर आने की. इस तरह अपमानित करते हुए अपने घर से वापस भेज दिया गया.
इतना ही नहीं अनावेदक युवती के पिता द्वारा आवेदिका कल्पना प्रधान के पुत्र लंबोदर प्रधान को धमकी देते हुए कहा कि तुम मेरी पुत्री से बातचीत बिल्कुल बंद कर दो. नहीं तो तुम्हें और तुम्हारी मां तथा तुम्हारे पूरे परिवार को जान से खत्म कर दूंगा. साथ ही कहा कि बसना पुलिस थाना में मेरे रिश्तेदार रहते हैं. तुम्हें मेरी बेटी के साथ छेडछाड, अश्लील बातचीत के झूठे मामले में जेल भेजवा दुंगा.
कल्पना प्रधान ने आगे बताया कि युवती के पिता की उक्त जान से मारने की धमकी, झूठे केश में फंसा देने की धमकी, सामाजिक अपमान एवं बेज्जती से परेशान होकर लंबोदर प्रधान घर में गुमसुम रहने लगा. और जब वह जाकर किचन में खाना बनाने लगी। तब अचानक उसके पुत्र लंबोदर प्रधान के कमरे से अचानक जोर से आवाज आया. जहाँ वह दौड़ कर जाकर देखी, तो उसके पुत्र के छाती (सीने) से खून निकल रहा था और वह बोला कि मां मुझे अनावेदक गणों ने इतना प्रताड़ित कर दिया है, कि मेरे जीने की इच्छा खत्म हो गई है. उनके कारण आप लोगों की पूरे समाज में बेइज्जती हो गई है. अनावेदक गणों के द्वारा मुझे झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर मुझे प्रताड़ित करने के कारण मैं आत्महत्या कर रहा हूं. मेरी मौत के जिम्मेदार अनावेदकगण हैं. इतना कहकर वह बात करना बंद कर दिया. और उसकी मौत हो गई.