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महासमुंद : जिले के औद्योगिक संस्थानों को भू-जल उपयोग का कराना होगा नियमितीकरण नहीं कराने पर होगी कार्रवाई

कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने बीते मंगलवार को समय-सीमा की बैठक में जिले के ऐसे उद्योग जो जल संसाधन विभाग की विधिवत् बिना अनुमति के भू-जल का उपयोग कर रहें है। उनका नियमितीकरण एवं वैधानिक अनुबंध करने की बात कही गई थी। निर्देशों के पालन में जल संसाधन संभाग के  जे.के. चन्द्राकर कार्यपालन अभियंता ने आज बताया कि राज्य शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा औद्योगिक संस्थानांे द्वारा बिना विधिवत् जल उपयोग की स्वीकृति के भू-जल उपयोग को नियमितिकरण कर वैधानिक अनुबंध के दायरें में जिले के ऐसे सभी संस्थान जो भू-जल का उपयोग कर रहे है अथवा करना चाहते हैं, उन्हें नियमानुसार आवेदन कर भू-जल आबंटन प्राप्त कर शासन से अनुबंध करना होगा।

कार्यपालन अभियंता चन्द्राकर ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के 15 उद्योगों से सम्पर्क किया गया उन्होेंने आवेदन देने से इंकार कर दिया गया। जिले के निम्नानुसार 15 उद्योगों तहसील महासमुंद के ग्राम कांपा स्थित मे. महालक्ष्मी मार्बल्स के प्रो. नेहा अग्रवाल, ग्राम अछोली से अनुपम कुमार अग्रवाल एवं अछोली फ्लेग स्टोन माईन्स के प्रो. भोलाराम यादव, महासमुन्द से अनुपम कुमार अग्रवाल, ग्राम बेलसोण्डा स्थित बेलसोण्डा फ्लेग स्टोन माईन के प्रो. श्रीमती रत्ना तिवारी, ग्राम घोड़ारी स्थित फ्लेग स्टोन क्वारी के प्रो. दीप कुमार अग्रवाल एवं कुणाल सेल्स, ग्राम बेलसोण्डा स्थित भगवती इंडस्ट्रीज, ग्राम मुढ़ेना के अमिता कोठारी एवं शांति चंद कोठारी, ग्राम घोड़ारी स्थित अरिहंत टाईल्स, बेलसोण्डा फ्लेग स्टोन माईन्स, बेलसोण्डा रेल्वे सिडिंग शामिल है। 

इसी तरह सरायपाली तहसील से ग्राम पोड़ापाली स्थित मे. बरबरिक प्रोजेक्ट लिमिटेड एवं ग्राम बिरकोल स्थित मे. बिरकोल क्वारट्राईज माईन्स से पुनः आवेदन देने भू-जल उपयोग को नियमितीकरण कर वैधानिक अनुबंध कराने को कहा गया है। निर्देशों को पालन नहीं करने पर इनके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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