क्रिसमस डे के मौके पर सेंट पीटर्स चर्च में मसीहियों को शुभकामनाएं देने पहुंची - निधि लोकेश चन्द्राकर
आज 25 दिसंबर को ईसाई धर्म मसीहियों को शुभकामनाएं देने स्थानीय तुमगांव रोड स्थित सेंट पीटर्स चर्च पहुचे महासमुन्द जनपद की श्रीमती निधि लोकेश चन्द्राकर जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 14 एवं समाज सेवी लोकेश चन्द्राकर चर्च के पास्टर अवनीश पोलिनस वाणी एवं समस्त क्रिश्चियन भाई बहन से मिलकर उनकी खुशी में शिरकत किये । विश्वभर के अलग अलग देशों में अपने-अपने तरीके से लोग क्रिसमस का त्यौहार मनाते हैं। माना जाता है कि इस दिन ईसा मसीह यानि यीशु का जन्म हुआ था।
हर साल 25 दिसंबर को पूरी दुनिया क्रिसमस डे के तौर पर मनाती है। 24 दिसंबर की शाम से इस त्योहार का जश्न शुरू हो जाता है। इस बार क्रिसमस डे का सेलिब्रेशन कुछ अलग होगा। कोरोना महामारी के चलते कई देशों में क्रिसमस तक लॉकडाउन लगा दिया गया है। वहीं, सुरक्षा के लिहाज से कई क्रिसमस पार्टी स्पोट पर भी पाबंदी लगा दी गई है। ऐसे में क्रिसमस फेस्टिवल का रंग कुछ अलग देखने को मिलेगा लेकिन दोस्तों और परिवार के साथ क्रिसमस का त्योहार खुशियों भरा ही रहेगा। खासतौर पर बच्चों के मन में क्रिसमस के त्योहार के लिए उमंग होती है, क्योंकि वह यह मानते हैं कि क्रिसमस की रात सांता आएंगे और उनकी सभी विशेज पूरी करेंगे।
क्यों मनाया जाता है क्रिसमस
क्रिसमस जीसस क्रिस्ट के जन्म की खुशी में मनाया जाता है। जीसस क्रिस्ट को भगवान का बेटा कहा जाता है। क्रिसमस का नाम भी क्रिस्ट से पड़ा। बाइबल में जीसस की कोई बर्थ डेट नहीं दी गई है, लेकिन फिर भी 25 दिसंबर को ही हर साल क्रिसमस मनाया जाता है। इस तारीख को लेकर कई बार विवाद भी हुआ। लेकिन 336 ई। पूर्व में रोमन के पहले ईसाई रोमन सम्राट के समय में सबसे पहले क्रिसमस 25 दिसंबर को मनाया गया।
बच्चों के लिए खास होता है क्रिसमस
क्रिसमस को खास उसकी परम्पराएं बनाती हैं। इनमें एक संता निकोलस हैं, जिनका जन्म ईसा मसीह की मृत्यु के लगभग 280 साल बाद मायरा में हुआ था। उन्होंने अपना पूरा जीवन यीशू को समर्पित कर दिया। उन्हें लोगों की मदद करना बेहद पसंद था। यही वजह है कि वो यीशू के जन्मदिन के मौके पर रात के अंधेरे में बच्चों को गिफ्ट दिया करते थे। दरअसल संत निकोलस को सांता क्लॉज माना जाता है, क्योंकि वे रात के वक्त उपहार बांटते थे। उन्होंने पूरे जीवन गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद की थी। विश्वभर के अलग अलग देशों में अपने-अपने तरीके से लोग क्रिसमस का त्यौहार मनाते हैं। अंत मे सेंट पीटर्स चर्च में शामिल मसीहियों ने जनपद सदस्य श्रीमती निधि लोकेश चन्द्राकर एवं समाज सेवी लोकेश चन्द्राकर का सहिर्दय आभार जताया।