ग्राम भावा के यादव परिवार को किया बहिष्कार.. - CG Sandesh

ग्राम भावा के यादव परिवार को किया बहिष्कार..

जिले में सामाजिक बैठक के आड़ में बहिष्कार और अर्थ दंड लगाए जाने की प्रवृति बढ़ती जा रही है। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है । महासमुन्द जनपद क्षेत्र के नवीन ग्राम पंचायत भावा थाना पटेवा निवासी हेमलाल यादव श्री शिव प्रसाद यादव (उम्र 35) ने महासमुन्द के युवा नेता जनपद प्रतिनिधि एवं सामाज सेवी लोकेश चन्द्राकर से सामाजिक बहिष्कार किए जाने की शिकायत करते हुए मदद की गुहार लगाई है। हेमलाल यादव का आरोप है कि,मैं वन विभाग में चौकीदार का कार्य करने रायपुर आता जाता हूं। राज्य शासन के निर्देशानुसार कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु शासन के नियम के तहत मेरे रायपुर से आने के पूर्व ग्राम सरपंच को अवगत कराया गया था । साथ ही होम कवारेन्टीन में जाने के पूर्व मेरे द्वारा उच्चाधिकारी के निर्देशानुसार खण्ड चिकित्सा अधिकारी (बी एम ओ)स्वास्थ्य केंद्र तुमगांव द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर शपथ पत्र बनाया गया।

व साथ ही मेरे द्वारा थाना पटेवा में भी सूचना दिया गया । तत्पश्चात मैं 14 दिवस होम कवारेन्टीन का पालन किया गया। किन्तु गांव के प्रमुख सदस्यों द्वारा मेरे माध्यम से लाए गये शासकीय पत्रों को अमान्य बताकर कवारेन्टीन सेंटर में नही रहने और गांव के नियम नही मानते हो बताकर 27000 (सत्ताईस हजार रूपये) अर्थ दंड से दंड किया और राशि जमा नही करने के कारण बताकर मुझे और मेरे पूरे परिवार को गांव से बहिष्कृत कर दिया गया। जिससे समस्त ग्रामवासी मेरे परिवार से बातचीत व राशन दुकान वालों से लेन देन बंद करा दिया है। जिससे यादव परिवार का रहना मुहाल हो गया है।
     

पीड़ित हेमलाल यादव ने बताया कि वह गरीब परिवार से तालुक रखता है। अपना और अपने परिवार का पेट पालने के लिए रायपुर वन विभाग में दैनिक वेतन भोगी चौकीदारी का काम करता है। हेमलाल यादव के पिता जी शिव शंकर के साथ गांव के समिति अध्यक्ष के साथ पुराना जमीन के लेन देन का मामला है , इसलिए उन्होनें साजिश रचते हुए एक दिन गांव में सामाजिक बैठक का आयोजन किया और बिना उसका पक्ष जाने व कारण बताएं पूरे परिवार 27000 रुपये का दंड या फिर गांव से बहिष्कृत करने की घोषणा कर दी। पीड़ित के मुताबिक गांव में यह नियम बना दिया गया है कि यदि उससे कोई बात करेगा तो उसे 27 हजार व अलग अलग स्थिति में हजारों रूपए जुर्माना देना होंगा। जुर्माने के डर से कोई उससे बात नहीं करता है और उसका कामधाम भी प्रभावित हो रहा है और वे बहिष्कृत जीवन जी रहे हैं।
       

अंत मे जनपद प्रतिनिधि एवं सामाज सेवी लोकेश चन्द्राकर ने हेमलाल यादव परिवार को न्याय दिलाने और दोषीजनों के ऊपर सख्त कानूनी कार्यवाही करवाने आस्वासन दिया।

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