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महासमुंद : कलेक्टर ने ली महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों की बैठक, कुपोषण एवं एनीमिया को जड़ से समाप्त करने की कार्ययोजना तैयार

मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के सकारात्मक परिणाम सामनें आयेंगे। महासमुन्द जिले के पूरे क्षेत्र में कुपोषण एवं एनीमिया को जड़ से समाप्त करने की कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। कलेक्टर डोमन सिंह ने कहा कि 01 फरवरी से जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में चिन्हित सभी हितग्राहियों को सप्ताह में तीन दिन गुणवत्तापूर्ण गरम पौष्टिक आहार परोसा जाएगा। जिसमें रोटी, हरी सब्जी, मुनगा भाजी नियमित रूप से बच्चों को खिलानें की सलाह दी गई। उन्होंने सुपोषण अभियान की कार्ययोजना की विस्तृत से जानकारी ली। महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने बताया कि जिले में 15000 एनीमिक महिलाएं और 10700 बच्चें कुपोषित है।

कलेक्टर डोमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान में चयनित हितग्राहियों को गरम भोजन उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक राशि खनिज न्यास निधि से सीधे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खातें में जाएगी। इसकी स्वीकृति दे दी गई है। अब आपका कर्तव्य है कि एनीमिक महिलाओं और कुपोषित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण गरम पौष्टिक भोजन प्रेम से खिलाएं। यह सब आपके बीच के लोग है, इसलिए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने आज यहां कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में वीडियों कांफ्रेन्सिंग के जरिए महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों, सीडीपीओ एवं सभी सेक्टर सुपरवाईजर, जनपद के दो-दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ जिले के सभी एसडीएम की बैठक ली।

कलेक्टर नेे बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में कुपोषण को कम करने, महिलाओं, किशोरी बालिकाओं में एनीमिया को कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मध्यम और गम्भीर कुपोषित बच्चों पर विशेष ध्यान दें। कलेक्टर ने कहा कि खनिज न्यास निधि से 302 आंगनबाड़ी  केन्द्रों में गैस कनेक्शन भी उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही 200 आंगनबाड़ी केन्द्रों का उन्नयन भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिन्हांकित एनीमिक महिलाओं और कुपोषित बच्चों की सूची स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरयुक्त दी जाएगी। जिसे आॅगनबाड़ी कार्यकर्ताएं अपनें आॅगनबाड़ी केन्द्रों में चस्पा करेंगी।

उन्होंने कहा कि विभिन्न कार्यक्रमों में स्थानीय माध्यमों से प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सुपोषण अभियान के अंतर्गत आॅगनबाड़ी केन्द्रों में सुपोषण वाटिका तैयार कर सब्जी-भाजी उगाकर उसका उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी आॅगनबाड़ी केन्द्रों में खुली जमीन पर मुनगा के पौधें का रोपण किया जाए। इसके लिए उद्यानिकी विभाग को पौधें उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया।

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