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महासमुंद : आंगनबाड़ी केन्द्रों में सप्ताह में तीन दिन गुणवत्तापूर्ण गरम पौष्टिक भोजन देने की शुरूआत, विधायक नंद ने महिला, बच्चों को परोसा गरम स्वादिष्ट भोजन

जिला खनिज न्यास निधि से आवश्यक राशि उपलब्ध कराई गई

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कुपोषण मुक्ति की पहल पर छत्तीसगढ़ में 02 अक्टूबर 2019 से शुरू हुई मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की सकारात्मक परिणाम सामनें आ रहें हैं। महासमुन्द जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में आज 01 फरवरी से कुपोषित बच्चें और 15 से 49 वर्ष के चिन्हांकित एनीमिक महिलाओं को आज से सप्ताह में तीन दिन गुणवत्तापूर्ण गरम पौष्टिक भोजन देने की शुरूआत हुई। इसके लिए जिला खनिज न्यास निधि से आवश्यक राशि उपलब्ध कराई गई है। यह राशि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सीधें बैंक खातों में पहुचेगी। जिले के सभी विकासखण्डों के आंगनबाड़ी केन्द्रों में जनप्रतिनिधियों के द्वारा गरम स्वादिष्ट भोजन परोसकर शुरूआत हुई।

उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण एवं विधायक सरायपाली किस्मत लाल नन्द ने सरायपाली के ग्राम पंचायत बलौदा के आंगनबाड़ी केन्द्र में 15 वर्ष से 49 वर्ष की चिन्हांकित एनीमिक पीड़ित महिलाओं को और कुपोषित बच्चों को गरम स्वादिष्ट भोजन परोसा। उन्होंने कहा कोरोना काल में भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप कुपोषण दूर करने तथा कोरोना जागरूकता हेतु आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा सूखा राशन, रेडी-टू-ईट का वितरण किया गया तथा लोगों को कोरोना के प्रति भी जागरूक किया गया।

विधायक किस्मत लाल नंद ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कहा कि मध्यम और कुपोषित बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि एनीमिक पीड़ित महिलाओं और कुपोषित बच्चों को रोटी, हरी पत्तेदार सब्जीं तथा मुनगा भाजी का नियमित रूप से खिलानें को कहा। वहीं महासमुन्द से सटे ग्राम बेमचा के आंगनबाड़ी केन्द्र में डाॅ रश्मि चन्द्राकर के मुख्य आतिथ्य में गरम भोजन परोसने की शुरूआत हुई। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास अधिकारी मनोज सिन्हा, सरपंच ग्राम पंचायत सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। सरायपाली के कार्यक्रम में अध्यक्ष जनपद पंचायत कुमारी भास्कर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बी.एस. मरकाम, परियोजना अधिकारी, एकीकृत महिला एवं बाल विकास जी.आर. नारद सहित जनपद सदस्य एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।


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