ग्राम पंचायत बेलसोंडा  का एक साल बेमिसाल. - CG Sandesh

ग्राम पंचायत बेलसोंडा का एक साल बेमिसाल.

सरपंच श्रीमती भामिनी पोखन चंद्राकर और उपसरपंच श्रीमती हुलसी जितेंद्र चंद्राकर की शानदार जोड़ी ने बेमिसाल कार्य करते हुए गांव का नाम ऊंचा किया है उनके इस शानदार सफलता की वास्तविकता से रूबरू होने के लिए इस प्रतिनिधि ने स्वयं गांव जाकर सरपंच से साक्षात्कार लिया, श्रीमती चंद्राकर ने निम्न शब्दो मे अपनी खुशी जाहिर किया....

श्रीमती चंद्राकर ने साथियों को रामराज के सफलतापूर्वक एक वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अत्यंत खुशी हो रही है कि माता शीतला की कृपा से पूरे छत्तीसगढ़ राज्य मे चारो तरफ हमारे गांव की योजनाओं और कार्यों की सराहना हो रही है. पिछले १५ वर्षो मे हमारे गांव की कोई पहचान ही नहीं थी लेकिन मेरे पंच परमेश्वर, स्वामी विवेकानंद सेवा संस्थान के साथीगण तथा मोर सूग्घर गांव के दाई - बाबा, काका - काकी, भाई - बहीनी , संगवारी , जनता जनार्दन और नारी की शक्ति के कारण ही आज हमारे गांव की जय जयकार हो रही है आप सभी के सहयोग से ही उच्च न्यायालय मे हमारी जीत हुई है जिसके कारण आज गोठान का कार्य शुरू हो चुका है और किसान भाइयों के सहयोग से तथा भगवान की कृपा से धानमंडी के प्रकरण में भी हमारी जीत निश्चित रूप से होगी।

आप सभी मुझे कुछ मत दीजिए लेकिन रोज सुबह उठते ही माता शीतला से जरूर प्रार्थना कीजिएगा कि उच्च न्यायालय मे धानमंडी प्रकरण में हमारी जीत हो। मुझमें कुछ भी करने की शक्ति नहीं है बस एक ही गुण है कि मै जिद्दी प्रवृति की हूं जनता के हित के लिए जो मन में ठान लेती हूं उसे पूरा करने के बाद ही मुझे चैन आता है इसलिए मै धानमंडी बनाए बिना चैन से नहीं बैठ सकती, धानमंडी बनाकर ही दम लूंगी।

"न मै गिरी न मेरी उम्मीदों के मीनार गिरे

लेकिन मुझे गिराने के चक्कर में कुछ लोग बार बार गिरे ।।

*कांटों पर चलकर फूल खिलते है

विश्वास पर चलकर भगवान मिलते है*

न खाऊंगी न खिलाऊंगी मै तो जनता का पैसा बस जनता तक ही पाहुचौंगी

उन्होंने कहा कि आदरणीय जनता जनार्दन सभी जानते है कि हमने नल किराया 100/ से 50/ कर दिया, दुख की घड़ी में 2000/ रुपए और 50 किलोग्राम चावल 34 लोगो को दे चुके है, बेटी विवाह मे 1105/ रुपए 21 बेटियों को दे चुके है। सभी समाजों को उनके वार्षिक कार्यक्रमों एवम् जयंती मे सहायता दी जा रही है इसके अतिरिक्त गरीबों और जरूरतमंदो को राशन तथा रुपया दिया जा रहा है। इस प्रकार हमारी पंचायत जनता का पैसा हर प्रकार से किसी न किसी माध्यम से जनता तक पहुंचा रही है । मै दारू मुर्गा मे खर्चा न करके व्यवस्थित और शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करने में ही सहायता और खर्च कर रहा हूं। महिलाओं, व बुजुर्गो और बच्चो को सशक्त और स्वस्थ बनाने के लिए खेल महोत्सव का आयोजन करके 1000/ रुपए का इनाम दिया, सभी वर्गो में धार्मिक संस्कार और संस्कृति की रक्षा हेतु धार्मिक संस्कार महोत्सव का आयोजन किया। इस प्रकार इस एक वर्ष मे हमने कई ऐसे कार्य किए जो पिछले 15 वर्षो में हुआ ही नहीं था। बावजूद इसके कि कई लोग उल्टा चोर कोतवाल को डांटे कहावत चरितार्थ करते हुए यह आरोप लगा रहे है कि गांव में शराब बिक रहा है। यह वही लोग है जो चुनाव में खुद दारू, मुर्गा और सूअर बांटकर जनता का आदत खराब कीए है और चुनाव हारकर बस आरोप लगाकर ही अपने मन को खुश कर रहे है मै जनता जनार्दन को आगाह कर रहा हूं कि ऐसे स्वार्थी प्रवृत्ति के लोगो से बचकर रहें ये लोग बिन पेंदी के लोटा हरे । आज मेरे गांव में जो लोग जय जय श्रीराम नहीं बोलते थे वे आज स्वार्थवश जय जय श्रीराम बोलने लग गए है । वास्तव में मेरा गांव बदल गया है यह रामराज का ही प्रभाव है। हमारी चुनावी घोषणाओं पर हम एक वर्ष में ही 43 प्रतिशत अमल कर चुके है। गढ़बो नवा बेल्सोंदा की परिकल्पना पूरी हो रही है। आप सभी जनता जनार्दन मुझ पर विश्वास बनाए रखे बस यही मेरा प्रसाद होगा। इन्हीं के साथ आपका अपनी सेविका।

विधायक मद से सहायता के बारे में पूछने पर श्रीमती चंद्राकर ने बताया कि इस एक साल में मेरी पंचायत को विधायक मद से कुछ भी नहीं मिला है।श्रीमती चंद्राकर ने विधायक पर आरोप लगाया कि विधायकजी गांव के पूर्व सरपंच राजेंद्र चंद्राकर के कहने पर गांव को कुछ भी नहीं दिया ताकि मै एक साल में कुछ भी न कर सकू। श्रीराम मंदिर निर्माण हेतु हमारी जनता ने हमारी अपील पर 89 हजार रूपए का योगदान दिया है।

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