महासमुंद : बेलसोंडा मे फर्जी व्यावसायिक परिसर पर शुरू हुई कार्यवाही.
ग्राम पंचायत बेलसोंडा मे सरपंच श्रीमती भामिनी पोखन चंद्राकर एवम् उपसरपंच श्रीमती हुलसी जितेंद्र चंद्राकर की जोड़ी ने पंचायत की पूर्व सरपंच राजेंद्र चंद्राकर और पूर्व उपसरपंच भूषण चंद्राकर की ईंट से ईंट बजाकर रख दी है। सरपंच श्रीमती चंद्राकर ने जानकारी दी है कि पूर्व सरपंच राजेंद्र चंद्राकर और पूर्व उपसरपंच भूषण चंद्राकर ने लगातार 10 साल कार्य किया तथा गांव के खसरा नंबर 376 रकबा 0.29 हेक्टेयर मे सन 2005 से 2010 के कार्यकाल में व्यावसायिक परिसर का निर्माण कर 14 दुकानें बनाकर बिना कोई दस्तावेज के अपने अपनो को बांट दिया है।
मजेदार बात यह है कि उक्त निर्माण पुराने पंचायत के ठीक सामने मुख्य रोड के बीचोबीच स्वर्ण जयंती स्मारक को तोड़कर किया गया है जिसका अभी तक किसी भी प्रकार का अभिलेख न होना बड़ी लेनदेन को दर्शाता है
फिर भी वर्तमान सरपंच श्रीमती चंद्राकर ने समस्त दुकान धारकों को दिनांक
15/1/2021 को पत्र के माध्यम से एक सप्ताह के अंदर दस्तावेज दिखाने के लिए
बोला अन्यथा कानूनी कार्यवाही करने की बात कहकर तहसीलदार को भी सूचित किया
लेकिन अभी तक दुकान धारकों ने किसी भी प्रकार का अधिकार पत्र या अनुबंध
पत्र नहीं दिखाया है।
श्रीमती चंद्राकर के उक्त समस्त दुकानों को
नियमानुसार आरक्षण के आधार पर पुनः नीलामी करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी
राजस्व को पत्र लिखना बताई ताकि गरीबों बेरोजगारों के साथ अन्याय न हो।
उक्त दुकान धारकों मे से नेहरू चंद्राकर ने सरपंच पति पोखन चंद्राकर के साथ
बहस करके बोला कि हमने पूर्व सरपंच राजेंद्र चंद्राकर को उस समय प्रति
दुकान 50000/ रुपया दिया है जो करना है पूर्व सरपंच के उपर कार्यवाही कीजिए
हमे परेशान न कीजिए।