महासमुन्द : मुर्गी, बतख पालन एवं किराना दुकान संचालित कर समूह की महिलाएं कर रही है जीविकोर्पाजन
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ अंतर्गत विकासखण्ड सरायपाली
के गोठान ग्राम पंचायत पाटसेन्द्री के जय माॅ लक्ष्मी स्व सहायता समूह के
10 महिलाओं द्वारा किराना दुकान व मुर्गी बतख पालन कर आजीविका गतिविधि का
कार्य किया जा रहा है। इन महिलाओं के द्वारा समूह का गठन 05 जनवरी 2020 को
किया गया था। महिलाओं की इस सूझ-बुझ और लगन से उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त हो
रही है। इन महिला समूह द्वारा किराना दुकान संचालित कर आजीविका के अन्य
साधन अपनाए जा रहे हैं। जिससे गांव के लोगों को गांव के बाहर जाकर सामान
खरीदनें की जरूरत नहीं पड़ती। ग्रामीणों को इनके दुकानों से दैनिक जरूरत की
सामग्रियां दुकान के माध्यम से मिल जाती है।
इससे दैनिक उपयोग होने वाली
सभी सामान गांव मे उपलब्ध कराने से समूह के दीदीयों को अच्छी आमदनी प्राप्त
हो रही है। इसके अलावा समूह की महिलाएं मुर्गी एवं बत्तख का पालन कर
रहीं हैं। जिसे ये बेचकर अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहीं हैं। घर बैठे मुर्गी
एवं बत्तख के बिकने से समूह की महिलाएं काफी बहुत खुश है। जिससे उनकी
आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। गांव पर ही घर बैठे उन्हें आजीविका का साधन
मिलने से समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन रही हैं। स्व सहायता
समूह की महिलाओं को समय-समय पर आजीविका संबंधित कार्यों की जानकारी
संबंधित क्षेत्र के एडीईओ पीआरपी एवं एफएलसीआरपी के माध्यम से दिया जाता
है।