महासमुंद : शासन की योजना अब्दुल सत्तार खान के लिए बनी सहारा.... - CG Sandesh

महासमुंद : शासन की योजना अब्दुल सत्तार खान के लिए बनी सहारा........ ऋण लेकर पुनः शुरू की दुकान

विश्वव्यापी कोविड-19 के कारण लाॅकडाउन में रोज कमानें-खानें  वालों के लिए रोजी-रोटी की समस्या हुई थी। महासमुन्द के रोज कमानें वालें लोग भी इससे अछूते नहीं रहें। इनमें चाय-नाश्ता विक्रेता अब्दुल सत्तार खान को भी कोरोना कोविड-19 की मार झेलनी पड़ी। क्योंकि लाॅकडाउन के चलते उनकी दुकान पूरी तरह से बंद थी। लाॅकडाउन खुलने के उपरांत भी चाय-नाश्ता की बिक्री नहीं के बराबर हो रही थी और नए स्टाॅक खरीदनें के लिए अब्दुल सत्तार खान के पास पैसे नहीं होने के कारण व्यापारियों ने उन्हें उधार में सामान देने से मना कर देते थे।56 वर्षीय  खान लगभग 15 वर्षों से चाय-नाश्ता बनाकर बिक्री का कार्य करते थे। उनके परिवार के लिए जीवन यापन का एकमात्र साधन मात्र चाय-नाश्ता की बिक्री करना ही था। जिससे वे प्रतिदिन 300 से 350 रूपए के चाय-नाश्ता का बिक्री करते थे और उन्हें प्रतिदिन 100 रूपए की आमदनी प्राप्त होती थी। इस व्यवसाय से वे 08 लोगों का जीवन यापन किया करते थे।

शासन की पथ विक्रताओं के लिए चलाए जा रहे योजना श्री अब्दुल सत्तार खान के लिए इस विपत्ति में सहारा बनी। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेन्डर्स आत्मनिर्भर निधि योजना के तहत् उन्होंने नगरपालिका महासमुन्द जाकर आॅनलाईन फाॅर्म भरा एवं उसे एसबीआई से 10 हजार रूपए का ऋण मिला। राशि मिलते ही उन्होंने अपने ठेलें पर चाय-नाश्ता की क्वांटिटी और वैराईटी दोनांे बढ़ाएं तथा जर्जर हो चुके ठेलें का मरम्मत भी कराया। कोविड-19 की सावधानी के कारण वे स्वच्छता संबंधी उपाय अपनाते हुए उन्होंने ग्राहकों के लिए साफ पानी की व्यवस्था, नाश्ता के लिए नई प्लेटें एवं बर्तन क्रय किया। इसके उपरांत दुकान पुनः शुरू की और अब प्रतिदिन 600 से 700 रूपए तक उनके चाय-नाश्ता की बिक्री हो रही है।  जिससे वे 300 रूपए की मुनाफा कमा रहें हैं। अब्दुल सत्तार खान ने कहा कि राज्य और केन्द्र शासन की योजनाओं से उन्हें पुनः जीवन दान मिल है। अब वे धीरे-धीरे भविष्य के लिए भी धन राशि एकत्रित करने के साथ-साथ अपनी पत्नी एवं बच्चों का भी देखभाल अच्छे से कर रहा है। उन्होंने व्यवसाय के अच्छे चलने के कारण समय पर बैंक की किस्त भी अदा कर रहें है। अब वह समय के साथ आगे बढ़ रहें हैं। योजनाओं के अन्य लाभ जैसे ग्राहकों की सुविधा के लिए उनकी आलू-प्याज की दुकान में पेटीएम, गूगल पे डिजीटल भुगतान आदि की सुविधा भी ले रखी है और शासन की इन योजनाओं का अन्य लोगों को लाभ उठाने की अपील कर रहें हैं।

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