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श्रमजीवी पत्रकार संघ से इस्तीफे की ख़बर के बाद संघ से जुड़े तीन पत्रकारों ने किया खंडन, कहा हमने संघ नहीं छोड़ा गलत बात का किया जा रहा प्रचार

श्रमजीवी पत्रकार संघ से इस्तीफे  की ख़बर के बाद संघ से जुड़े तीन पत्रकारों ने खंडन किया है. और कहा है कि हमने संघ नहीं छोड़ा गलत बात का प्रचार किया जा रहा है,  पूरा मामला महासमुंद जिले का है. जहां कल बसना ब्लाक में जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया गया था. जिसमे महासमुंद जिले के श्रमजीवी पत्रकार संघ बसना, सरायपाली एवं बागबाहरा इकाई के पदाधिकारियों पर उपेक्षा एवं असम्मान जनक व्यवहार का आरोप लगाते हुए कई पत्रकारों ने इस्तीफा दे दिया था.

वहीं इस्तीफा देने के बाद पत्रकार प्रकाश सिन्हा ने बताया कि पत्रकार संघ में कुछ लोग पत्रकारिता के आड़ में राजनीति करने लगे थे,  सिन्हा ने आरोप लगाते हुए कहा कि विगत कुछ वर्षो से प्रदेश व जिला के शीर्ष नेतृत्व द्वारा संगठन को जोड़ने नही तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे श्रमजीवी पत्रकार संघ के सदस्यों में आक्रोश था. बसना ब्लाक एवं जिला इकाई द्वारा संघठन के पुराने पदाधिकारियों को बिना ठोस कारण से हटाने के कारण पत्रकार नाराज थे. उक्त कारण से 33 पत्रकारों ने सामूहिक रूप से स्वयं संघ से छोड़ने का निर्णय बसना के विश्राम गृह में लिया गया.

इस्तीफा देने वाले पत्रकारों में प्रदेश पदाधिकारी रोमी सलूजा, जिला उपाध्यक्ष प्रकाश, शीत कुमार गुप्ता, प्रदीप दास, रवि सेन, अतुल सोनी, सुखदेव वैष्णव, देशराज दास, कामेश बंजारा,  विजय चौहान,  गोवर्धन कैवर्त, रूपानंद साव,  रामकुमार नायक,  रोलियर नन्दा,  हेमंत वैष्णव, दीपक पटेल,  मोहन साव, हरीश पटेल, जय प्रकाश, महेश हरपाल, बसंत साव प्रकाश पटेल समेत अन्य पत्रकार के इस्तीफा दिए जाने की बात कही गई थी.लेकिन उसके अगले ही दीं तीन पत्रकारों के खंडन निकलकर सामने आयें है. 

जिसमे सरायपाली ब्लाक अध्यक्ष सुरेश गुप्ता, भगवान दास अग्रवाल और अनिल सोनी ने इसका खंडन करते हुए कहा है कि सहमति के बिना इस्तीफा देने वालों में नाम डाल दिया गया है. हमने कोई इस्तीफा या संघ नहीं छोड़ा है. गलत बात का कुछ लोगों द्वारा प्रचार किया जा रहा है. जो कि गलत है. सूत्रों के अनुसार संघ अभी कई रूठे हुए पत्रकारों को मानने के लगा हुआ है, जिसके बाद और कुछ पत्रकारों की वापसी हो सकती है  ऐसी संभावनाएं जताई जा रही है.

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