महासमुंद : छत्तीसगढ सरकार किसानों के विकास के लिए संकल्पित है – मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
अंतरराष्ट्रीय सिरपुर बौद्व महोत्सव एवं शोध संगोष्ठी में 13 मार्च को दूसरे दिन समारोह में मुख्यअतिथि के रुप में पधारे प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बाबा साहब के संविधान की प्रास्तावना के अनुरुप मैं सभी धर्म व पंथ समान रुप से सम्मान करता हूं। मेरा प्रयास होगा कि देश में सभी का समान रुप से विकास हो। पहले यह प्रदेश लोगों के जीहन में नक्सलवाद की समस्या के नाम से जाना जाता था। लेकिन प्रदेश के सुकमा , सरगुजा , दंतेवाड़ा, जिलों के साथ प्रदेश में चालू वित्तीय वर्ष में 169 अत्याआधुनिक अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले जा रहे हैं। जहां सभी को समान रुप से निशुल्क शिक्षा प्राप्त होगी।
छत्तीसगढ सरकार ने किसानो के हित के लिए संकल्पित है और 25 सौ रुपए प्रतिक्विटल धान खरीदी का रेट तय किया है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना से प्रत्येक किसान के खाते में चार किस्तों में प्रति एकड 10 हजार जमा कराए जा रहे हैं। इस वर्ष का बकाया चौथी किस्त की राशि शीघ्र की मार्च महीने के आखरी सप्ताह में जमा करा दी जाएगी। इस योजना के अंतर्गत अगले वित्तीय वर्ष के लिए 5703 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में गोधान न्याय योजना से 40 प्रतिशत भूमि हीन किसानों व रोजगार का अवसर प्रदान किया है। योजना के तहत 2 रुपए किलो में गोबर खरीद कर सरकार स्वसहायता समूहों को रोजगार देने 10 रुपए किलो में वर्मी कम्पोस्ट खाद्य की बिक्री किया जा रहा है। अब प्रदेश में गौवंश की रक्षा के लिए उठाए गए कदम अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय योजना साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य के रोजगार के अवसर के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिरपुर को वर्ल्ड हेरिटेज के रुप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। जिसमें सिरपुर, मैनपाट व डोंगरगढ का बुद्वा सर्किट के रुप में विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री सिरपुर के पर्यटन व विकास , तालाबों का सौंदर्याकरण, उपवन, भव्य स्वागत द्वार, नौकायान के लिए कई योजना के तहत बजट में राशि देने की घोषणा की है।
संस्कृति एवं खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि छत्तीसगढ की धरती शैव व वैष्णव एवं बुद्व की धरती रही है। यहां सभी धर्म एवं सम्प्रदायों का समान रुप से विकसित होने का अवसर प्राप्त हुआ है। यहां अनेक हिंदु धर्म के देवी देवताओं के साथ साथ कबीर पंथ, सतनाम पंथ के उपासना स्थल हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित दिल्ली विवि के प्रोफेसर रतन लाल एवं जामिया मिलिया की प्रोफेसर हेमलता महेश्वर ने कहा कि अपनी मांग रखी की सिरपुर की धरती पर अंतरराष्ट्रीय बौद्व विवि की स्थापना की जाए। और सिरपुर जैसे विश्व धरोहर को अंतराष्ट्रीय वर्ड हेरिटेज के रुप में स्थान दिलाया जाए। यहां पर पाली,प्राकृतिक भाषा, डॉ बाबा साहब भीम राव अंबेडकर के विषय में भी व्यापक स्तर पर शोध एवं अध्ययन कराया जाए। सिरपुर में उत्खनन में मिले अवशेष बड़ा बाजार नहीं बल्कि बौद्व विहार व विश्वविद्यालय के कैंपस का स्वारुप लिए हुआ है।
वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल ने मुख्यमंत्री से मांग किया कि प्रदेश में 500 मेधावी छात्रों का चयन कर विदेश में अध्ययन के लिए भेजने छात्रवृत्ति प्रदान किया जाए। जिससे विदेशों में उच्च शिक्षा अध्ययन कर सके। श्री मंडल ने कहा कि बोध गया , सिरपुर का विकास किया जाए। जिससे पर्यटकों के आने से एक लाख लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सहित अतिथियों को पुस्तक भेंट कर स्वागत किया गया। इसके पश्चात कई सांस्कृतिक दल द्वारा धार्मिक व सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई।
समारोह के आयोजन समिति के अध्यक्ष रघुनंदन साहू ने छत्तीसगढ हेरिटेज एवं कल्चरण फाउंडेशन के ओर से मुख्यमंत्री को मांग पत्र को सौंपा गया। मांग पत्र में सिरपुर को वर्ल्ड हेरिटेज के रुप में विकसित करने की प्रस्ताव दिया गया। छत्तीसगढ के सांस्कृतिक एवं हेरिजेट के संरक्षण के कार्य करने के लिए फाउंडेशन को नयारायपुर में 5 एकड़ जमीन और फंड की मांग की है। इसके साथ प्रत्येक वर्ष सिरपुर महोत्सव आयोजित करने के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृति की मांग रखा गया है। महोत्सव में शामिल हुए महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक, स्थानीय विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर, सरायीपाली विधायक व अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष किस्मत लाल नंद, स्थानीय जनप्रतिनिधि और कलेक्टर डोमन सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
शोध संगोष्ठी में विद्ववानों रखे विचार –
सिरपुर स्थित हेन्सांग रिसार्ट में आयोजित शोध संगोष्ठी में विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 70 से अधिक शोधार्थियों द्वारा शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। जिसकी अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर चौथी लाल यादव ने कहा कि पेपर प्रस्तुत करने वाले शोधार्थियों का प्रयास काफी सरायहनीय है। इसी प्रकार से सिरपुर स्थित भगवान बुद्व से जुड़े तमाम स्थलों का तर्क संगत शोध किए जाने की जरुरत है। जो आगे आने वाली पीढियों के लिए मार्गदर्शन का काम करेगा। वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल ने कहा कि सिरपुर में अब जब भी खुदाई हो उसमें हिंदु या बौद्व के अवशेष मिले इसमें इमानदारी से विचार करने की जरुरत है। एक दुसरे की संस्कृति को कब्जा करने की बात नहीं होनी चाहिए। यदि खुदाई में हिंदू धर्म एवं संस्कृति के अवशेष प्राप्त होते हैं तो भी मुझे खुशी है। परंतु किसी के साथ विश्वाश् घात नहीं होनी चाहिए।
सांस्कृतिक मंच में मुख्य रुप प्रस्तुति –
सांस्कृतिक कार्यक्रम में ज्योतिबा के सत्यशोधक समाज पर आधारित आधारित पैगाम नागपुर की टीम द्वारा प्रस्तुति दी गई। गेडी नृत्य छत्तीसगढ लोकदर्शन गरियाबंद, तानाबाना समूह का कबीर गायन मगहर लहरतारा , छत्तीसगढयां रांकिंग बैड द्वारा गीत प्रस्तुत किया गया। समता जागृति मंच पामगढ अंध मुक बधीर शाला के दिव्यांग बच्चों द्वारा प्रस्तुति दी गई। जिसमें द्वारा सामाजिक जागृति व भीम गीत प्रस्तुत किया गया। नशामुक्ति पर आधारित गीत – जीना है तो पापा शराब मत पीना की प्रस्तुति कुमारी राधा जायसवाल ने पेश किए। मोर भीम बाबा तोर संविधान हे महान गीत से डॉ अंबेडकर के योगदान और भारतीय संविधान का गुणगान किया गया। यशवंत सतनामी द्वारा बुद्व, कबीर, गुरुघासीदास के संदेशों पर आधारित जागृति गीत भी प्रस्तुत किया गया। यशवंत ने चलों बुद्व के चरण में जाबों छत्तीसगढ जागृति गीत प्रस्तुत किया गया।