बसना : दूसरे ग्राम से आकर शासकीय भूमि पर जबरदस्ती अतिक्रमण करने वालों पर कार्यवाही की मांग.
ग्राम पंचायत लमकेनी के आश्रित ग्राम बेल्डीहपठार में स्थित शासकीय भूमि पर दूसरे ग्राम से आकर जबरदस्ती अतिक्रमण करने पर रोक लगाने हेतु सरायपाली तहसीलदार को आवेदन दिया गया था.आवेदक बाबूलाल मेरी, बेनुराम खूंटे, मनराखन खूंटे, भुरुराम खूंटे, विद्या मिरी, धनेश्वर रात्रे ने शिकायत करते हुए बताया कि ग्राम बेल्डीहपठार में स्थित शासकीय भूमि पर जोगेंद्र रात्रि पिता केशव रात्रि द्वारा पंजीयन रजिस्ट्री के माध्यम से क्रय की गई भूमि खसरा नंबर 105 रकबा 0.52 हेक्टेयर भूमि के सामने स्थित खसरा नंबर 121 व क्रय की गई भूमि के पीछे भाग पर स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 104 को अवैध रूप से अतिक्रमण कर अन्य व्यक्तियों के पास कब्जा की गई भूमि को विक्रय कर दिया गया है.
शिकायत में बताया गया कि भूमि विक्रय कर दो व्यक्तियों लक्ष्मी बाई पति दुलार दास व मालती पति रामजी कोसरिया को उक्त ग्राम में बिठाया गया है तथा उसी भूमि को तीसरे अन्य व्यक्ति के पास विक्रय करने का प्रयास किया जा रहा है. जिसे आवेदक गण व ग्रामवासियों द्वारा रोका गया है. तथा कब्ज़ा हटाने के लिए ग्राम पंचायत में भी प्रस्ताव पारित किया गया. शिकायतकर्ताओं ने बताया कि यदि कब्ज़ा हटाने के लिए प्रस्ताव पारित नहीं किया जाता तो तीसरे व्यक्ति को भी उसी ग्राम में शासकीय भूमि को अवैध रूप से विक्रय कर बिठा लेता.
बताया गया कि कब्ज़ा करने वालों में जिन्हें शासकीय भूमि को विक्रय किया गया है अन्य ग्राम का निवासी है जो कि नियम के विरुद्ध है, व शासकीय भूमि को विक्रय करना गलत एवं अवैधानिक है.बताया गया कि शिकायतकर्ताओं को तुम्हें किसी झूठे प्रकरण में फसा देंगे कहकर धमकी दिया जाता है जिससे वे अथवा ग्रामवासी काफी डरे और सहमे हुए हैं. जबकि ग्रामवासी व ग्राम पंचायत के सरपंच गणों के द्वारा आवेदक को उसके कृत्यों पर समझाइश भी दी गई है कि वह शासकीय भूमि को विक्रय ना करें. ग्रामीण परेशान हैं पंचायत को गौठान बनाने हेतु भूमि की आवश्यकता है.वहीं मामले की शिकायत तहसीलदार से करने पर आज पटवारी द्वारा मौके पर पहुंचकर पंचनामा बनाया गया, जिसमे पाया गया कि अनावेदक घास भूमि पर मकान बनाकर निवासरत है.