महासमुंद : कोविड के कम और हल्के लक्षण है तो वह होम आईसोलेशन ... - CG Sandesh

महासमुंद : कोविड के कम और हल्के लक्षण है तो वह होम आईसोलेशन में रह सकते हैं

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन.के. मंडपे ने बताया कि कोरोना के बढ़तें मामलों के बीच लोगों के मन में अब भी कई सवाल घूम रहें होंगे। कई सवाल होम आईसोलेशन से जुड़ी भी और कुछ आॅक्सीमीटर को भी लेकर होंगे। डाॅ. मंडपे ने बताया कि अगर मरीज में कोविड के कम और हल्के लक्षण है तो वह होम आईसोलेशन में रह सकता है। लेकिन अगर लक्षण अगर गम्भीर है तो अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। बिना लक्षण वाले जिन मरीजों को अगर घर में आईसोलेट होना है तो जरूरी है एक अलग कमरा और बाथरूम हो। घर में कोई देखरेख के लिए होना चाहिए। घर में सभी जरूरी सुविधा हो तभी सेल्फ आईसोलेट रहें। केवल उन्हीं मरीजों को होम आईसोलशन की ईजाजत होगी।

ब्लाॅक स्तर पर खण्ड चिकित्सा अधिकारी द्वारा होम आईसोलेशन की अनुमति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जो लोग ठीक है स्वस्थ है और उन्हें फेफड़े की बीमारी नहीं हैं तो आॅक्सीमीटर की रीडिंग 95-100 प्रतिशत् के बीच में होनी चाहिए। अगर ये गिरने लगे और 52 प्रतिशत् तक आ जाए। इसका मतलब बीमारी बढ़ रही हैं। इसमें यह भी देखा गया है कि अगर संक्रमण बढ़ता है तो एकदम परेशानी नहीं होती। बल्कि धीरे-धीरे बढ़ती है। कई बार आॅक्सीमीटर की रीडिंग 80 फीसदी तक गिरने पर मरीज को परेशानी का एहसास होता है। इसलिए अगर आॅक्सीमीटर की रीडिंग 92 से नीचे आए तो तुरंत डाॅक्टर से सम्पर्क करें। डाॅक्टर ने बताया कि कोरोना वायरस की गम्भीर मामलों में स्वाॅस से संबंधित समस्याएं ही देखने को मिलती है। एक तरह से इसे ट्रिगर भी कहा जा सकता है। आॅक्सीजन की अधिक कमी खतरें की घंटी का संकेत है।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें