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विश्व बाइपोलर डिसॉर्डर दिवस : उन्मादी -अवसादात्मक विकार (द्विपक्षीय विकार)

दिनांक 01 अप्रैल 2021 को रामगोपाल खूँटे मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता जिला चिकित्सालय महासमुंद ने बताया कि, विश्व बाइपोलर डिसॉर्डर दिवस 30 मार्च को मनाया जाता है। उन्मादी -अवसादात्मक विकार (द्विपक्षीय विकार) के नाम से भी जाना जाता है। उन्मादी अवसादत्मक विकार एक चक्रीय विकार है जो मनोदशा (मूड) उर्जा और कार्यो में अति तीब्र परिवर्तन लाता है । इसे द्विपक्षीय विकार भी कहते हैं। क्योकि इस में अवसाद और उन्माद की अवधियां बदलती रहती हैं, दो ध्रुविय होता हैं ।

Epidemiology: सर्वे के अनुसार लगभग 2.3 मिलियन व्यस्क अमेरिकन या लगभग 1.2 प्रतिशत जनसंख्या विकार से पीड़ित हैं। एसे अवस्था में पुरुष स्त्री और किसी भी प्रकार की जाती के लोगो में उतपन्न हो सकती है । इस रोग के प्रारंभ होने की समान्य आयु 20 वर्ष है, किन्तु यह विकार किसी भी आयु में हो सकता है। प्राय: पुरषों में अवसादात्मक दौर से पह्ले उन्हे उन्माद का दौरा पड़ता है। यह व्यस्क की तुलना में बच्चों को अधिक होता हैं। सभी मानसिक रोगों में द्विपक्षी विकार के कारण मृत्यु दर अधिक होती है।
 द्विपक्षी Bipolar विकार के कारण
 एक अनुवांशिक कारण, दुसरा स्नायु रसायनिक कारक Neuro Chemical Factors, तीसरा पारिवेशिक कारक Environmental Factors
उन्माद के दौरों के लक्षण ये हो सकते है: नींद का कम या ज्यादा होना, अधिक बोलना, विचारो का विचलित होना, उदासी या चिंता होना, कम या अधिक भूख लगना, उर्जा की हानी या थकावट होना, विभ्रम होना, मृत्यु के विचार आना,ध्यान केंद्रित न हो पाना ।

 ब्यवहारिक समस्या:- बच्चे स्कूल से भाग जाना या फ़ेल हो जाना, व्यवसाय में असफल हो जाना, तलाक या पत्नी या बच्चों पर हिंसात्मक आक्रमक ब्यवहार करना होता है।
A.द्विपक्षी विकार की चिकित्सा- अवसाद रोधक दवाईया Antidepressants, Antipsychotic
B. मनोचिकित्सा- मनो- ब्यवहारिक चिकित्सा CBT Cognitive Behavioral therapy, मनो- शिक्षा Psycho education, Family therapy, interpersonal therapy, Group Therapy, ECT गंभीर रोगियों के विषय में यह विधि समान्यत: सोची जाती हैं। 

साथ ही योग साधना, खेल कूद, संगीत, आदि प्रभावी रह्ता है। द्विपक्षी विकार की चिकित्सा सभी जिले के जिला चिकित्सालय में स्पर्श क्लिनिक में संचालित है मानसिक स्वास्थ्य रोग प्रशिक्षित चिकित्सक अथवा विशेषज्ञ हैं। मनोवेज्ञनीक और मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता उपलब्ध है। जहां नि:शुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध है।

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