जिला प्रशासन को करोना के साथ-साथ गरीब मजदूर वर्ग तथा गुमटी ... - CG Sandesh

जिला प्रशासन को करोना के साथ-साथ गरीब मजदूर वर्ग तथा गुमटी ठेला वालों की आजीविका का भी रखना चाहिए ध्यान : हरदीप सिंह रैना

महासमुंद जिले में कोरोना वायरस लगातार अपने पैर पसार रहा है जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने रात्रि कालीन लॉकडाउन लगा रखा है लेकिन कुछ लोगों द्वारा पूर्णलॉक डाउन की मांग किए जाने से गरीब मजदूर वर्ग के लोगों ने रोजी रोटी की और आजीविका चलाने की समस्या उत्पन्न होने का डर सता रहा है 


सराईपाली नगर पालिका के सभापति एवं वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद हरदीप सिंह रैना ने लॉकडाउन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिला प्रशासन को करोना के साथ-साथ गरीब मजदूर वर्ग तथा गुमटी ठेला वालों की आजीविका का भी ध्यान रखना चाहिए आज छोटा व्यापार करने वाले सभी लोग साप्ताहिक या मासिक किस्त बैंकों की पटा रहे हैं ऐसे में लॉकडाउन के कारण उनका व्यापार बंद हो जाने से उनके आगे रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी, प्रशासन पूर्ण लॉक डाउन लगाता है तो प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बैंक वाले साप्ताहिक और मासिक किस्त के लिए लोगों को परेशान ना करें, लॉकडाउन के कारण गरीब तबके मजदूर वर्ग तथा छोटे व्यापारियों की अर्थव्यवस्था पर बड़ा आघात पहुंचता है पिछले लॉक डाउन में सभी लोग बड़े कर्ज में डूब चुके हैं और उबरने की कोशिश कर रहे हैं कोरोनावायरस से बचाओ जरूरी है लेकिन साथ ही साथ आर्थिक संकट के बारे में उचित उपाय प्रशासन को करना चाहिए,।

पार्षद हरदीप सिंह रैना ने साथ ही साथ कहा कि कुछ बड़े लोग कोरोना महामारी के दौरान आपदा में अवसर खोज रहे हैं जरूरी सामानों की कालाबाजारी कर मुनाफाखोरी कर रहे हैं प्रशासन को ऐसे लोगों पर निगरानी रखते हुए कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए पार्षद रैना ने कहा कि प्रशासन को सभी के साथ समान रूप से व्यवहार करना चाहिए ताकि लोगों में यह संदेश जाए कि प्रशासन बिना भेदभाव के कार्रवाई कर रहा है साथ ही साथ पार्षद हरदीप सिंह रैना ने लोगों से शाशन की करोना गाइडलाइन का पालन करते हुए मांस्क पहनने और 2 गज की दूरी बनाए रखने की अपील की!

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें