नही रहते मुख्यालयों में, बसना जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों के स... - CG Sandesh

नही रहते मुख्यालयों में, बसना जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों के सचिव, खूंटी पर टांग डाले छ. ग.शासन के नियम कायदे

छोटे-छोटे कार्यों के लिए सचिव के निवास के चक्कर लगाने को लोग मजबूर।

ग्राम पंचायतो में बना पंचायत भवन ज्यादातर समय बंद रहता है।

बसना - पंचायतीराज की अवधारणाओं को मूर्त रूप देने के लिए गांव-गांव में पंचायत सचिवों को नियुक्त किया गया जो शासकीय कर्मचारी के रूप में शासन की याजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकें, परन्तु बसना जनपद पंचायत के पंचायत सचिवों का ग्रामीण क्षेत्रों में मोहभंग होता जा रहा है, एक ओर जिम्मेदार अधिकारी ग्राम पंचायतो का दौरा नही कर रहे हैं वही पंचायत सचिव मुख्यालयों पर निवास न कर अपने घर या ब्लॉक में निवास कर रहे हैं। सचिवों को ग्रामीण अंचलो की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है कारण, सरकारी खजाने को खाली कर निर्माण कार्यो में धांधलियो को अंजाम देकर पंचायत सचिव आज शहरी क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं। वही दूसरी ओर ग्राम पंचायतों की जनता सचिवों को तलासते हुए जनपद पंचायत व उनके निवासों के चक्कर काट रही हैं।ग्रामीणों को पंचायत सचिव के नही मिलने से शासकीय योजनाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाती ।



*खूंठी पर टांग डाले छतीसगढ़ शासन के नियम व कानून*

छत्तीसगढ़ शासन ने आदेश जारी किए थे कि सम्बन्धित विभागों में पदस्थ अधिकारी व कर्मचारी मुख्यालय पर ही रहेंगे ,साथ ही पंचायत सचिव पंचायत में निवासरत होकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे, लेकिन शासन के आदेश महज कागजो में ही सिमट कर रह गया है।धरातल में बसना जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों के सचिव नियमो को ठेंगा दिखाते हुए अपने घर या शहरों में रुक रहे है।पंचायत में पंचायत सचिव व सरपंच के ज्यादातर नदारद रहने से गांवों में शासन द्वारा चलाई जा रही दर्जनों योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हम छोटे-छोटे कार्यों के लिए सचिव व सहायक सचिव के घर के चक्कर लगाने को मजबूर बने रहते हैं। इतना ही नहीं ग्राम पंचायतों में बना पंचायत भवन ज्यादातर समय बंद रहता है। जिसमें सचिव व सरपंच बहुत कम ही बैठते हैं जिसमें अधिकांश समय से ज्यादा ताला ही डला रहता है। ग्रामीणों के छोटे- छोटे कार्य भी नहीं हो पाते हैं।


अन्य सम्बंधित खबरें