महासमुन्द : कंटेनमेंट जोन एवं होम आईसोलेशन पर रह रहें लोगों के स्वास्थ्य के बारें में जानकारी अनिवार्य रूप से लें - कलेक्टर डी. सिंह..... पंचायतों में नरेगा का कार्य सोशल डिस्टेंसिंग के माध्यम से कराएं - कलेक्टर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 19 अप्रैल को अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल बैठक के जरिए सभी जिलों में कोविड संक्रमण की रोकथाम के उपायों, टीकाकरण की स्थिति और बनाई गई कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर को आवश्यक-दिशा निर्देश दिए गए थे। इस पर कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने आज जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, सीईओ एवं सीएमओ की वीडियों कांन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक ली। उन्होंने संबंधितों से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं निजी चिकित्सालयों में बेड एवं इलाज की व्यवस्था, आॅक्सीजन बेड एवं कंसंट्रेटर मशीन के बारंे मंे जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि शासकीय चिकित्सालयों के साथ-साथ निजी चिकित्सालयों द्वारा भी मरीजों के उपचार के लिए आॅक्सीजन बेड एवं कंसंट्रेटर मशीन की सुविधाएं और बढ़ाए जा रहें हैं। दान-दाताओं के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए आॅक्सीजन सिलेण्डर एवं कंसंट्रेटर मशीन भी दान किया जा रहा है।कलेक्टर ने होम आईसोलेशन में रहने वाले के घर में स्टीकर एवं दीवार लेखन करने को कहा है ताकि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उनके घरों पर जाकर आसानी से दवाईयां एवं अन्य चीजें उन्हें उपलब्ध करा सकें। उन्होंने कहा कि अंतर्राज्यीय सीमा क्षेत्र के बॉर्डर में जिले के भीतर आने वाले लोगों का टेस्ट, जैसे थर्मल स्केनिंग, आॅक्सीमीटर एवं संदिग्ध व्यक्तियों का कोविड-19 का टेस्ट किट के माध्यम से अनिवार्य रूप से कराएं एवं जिले के भीतर 72 घंटे की रिपोर्ट देखकर ही प्रवेश की अनुमति दें। मितानिन की दवा पेटी में जिंक एवं विटामिन सी की उपलब्धता एवं अन्य दवाइयों की उपलब्धता है या नहीं इसकी जांचकर स्वास्थ्य विभाग से व्यवस्थाएं कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि मितानिनों के पास पर्याप्त मात्रा में दवाईयां उपलब्ध नहीं होने पर संबंधित बीएमओ से सम्पर्क कर दवाईयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत् सभी ग्राम पंचायतों में कार्य कोविड-19 के गाईड लाईन का पालन करते हुए कार्य मांग के अनुरूप शुरू कराएं और श्रमिकों को निर्धारित दिवस में मजदूरी भुगतान उनके खातें में करें। इस पर बताया गया कि जिले के 432 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का कार्य चल रहा है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी पंचायत के क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाए गए है। जिन क्वारेंटाईन संेटर में लोग ठहरें हुए हैं, उनके बारें में नियमित रूप से जानकारी देते रहें। होम आईसोलेशन में रह रहें लोगों को पंचायतों एवं नगरीय निकाय में बनाए गए कंट्रोल रूम के माध्यम से अधिकारियों द्वारा उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेते रहें। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में कोविड-19 की दवा उपलब्ध कराई जाए। बैंकों के संचालन के लिए लाॅकडाउन के दौरान सीमित स्टाफ के साथ अनिवार्य सेवा के लिए निर्धारित सीमा तक के लिए छूट प्रदान की गई है। कोविड-19 के संक्रमण के प्रभाव को रोकने के लिए लॉक डाउन का पालन अनिवार्य रूप से कराएं। सिर्फ आवश्यक सेवाओं के लिए ही छूट दी गई है। जिन निजी अस्पताल में आॅक्सीजन बेड बढ़ानें के लिए अनुमति मांगी जा रही हैं, ऐसे अस्पतालों का बीएमओ के साथ निरीक्षण कर अनुमति प्रदान करें।बैठक में उन्होंने कहा कि कोविड-19 के मरीजों को ऑक्सीजन की पर्याप्त आवश्यकता होती है। इसके लिए आॅक्सीजन सिलेंडर भरने में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। जिले के रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मचारी या निजी चिकित्सक कोविड-19 के लिए अस्पताल में सेवाएं देने के लिए इच्छुक है, उनसे अभिस्वीकृति प्राप्त करें। जिले के क्वॉरेंटाईन सेंटर में रह रहें लोगों का कोविड टेस्ट कराएं। जिन लोगों का टेस्ट पॉजिटिव आता है तो उन्हें कोविड केयर सेंटर में रखें। जिले में नियमित रूप से कोविड-19 का टेस्टिंग, टीकाकरण कराते रहें। कोविड-19 के धनात्मक प्रकरण पर उनके आसपास के लोगों का कम से कम 10 काॅंटेक्ट ट्रेसिंग अनिवार्य रूप से करें। ट्रेन से आए लोगों की टेस्टिंग कराते रहें। जिले के जरूरतमंदों को सुबह 06ः00 बजे से सुबह 09ः00 बजे तक राशन वितरण कराएं। जिले में आयुष्मान कार्ड एवं टीकाकरण का कार्य कराए जा रहंे हैं। पात्र व्यक्ति इसका अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री जोगेन्द्र कुमार नायक, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती सीमा ठाकुर, श्रीमती ऋतु हेमनानी, सुश्री पूजा बंसल मौजूद थे।