बुधवार को महासमुंद जिले में कुल 299  नए कोरोना मरीजों की पहच... - CG Sandesh

बुधवार को महासमुंद जिले में कुल 299 नए कोरोना मरीजों की पहचान, सरायपाली में मिले 81 मरीज.

बुधवार को महासमुंद जिले में कुल 299  नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई,  जिसमे महासमुंद ब्लॉक के 111, बागबाहरा 34, पिथौरा 36, बसना 37 और सरायपाली के 81 मरीज हैं। जबकि कल जिले में कोरोना से 4  मरीजों की मौत हुई है। जिसके बाद जिले में कोरोना से मौत का आंकड़ा 214  हो गया।

जिले में कल कुल 132  लोगों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। जिले में अब एक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या 4516  है। कुछ दिनों बाद जिले में कोरोना संक्रमण के आंकड़े एक दिन 300 से कम हुए हैं, वहीं सरायपाली में 81 कोरोना मरीजों का मिलना चिंता का विषय है. हलाकि कई लोगों का मानना है कि जिले के कई अस्पतालों में कोविड टेस्ट किट नहीं है, जिसकी वहज से आंकड़ों में कमी आई होगी.

वहीं संक्रमण को रोकने के लिए जिले में लॉकडाउन लगाया गया है, वैक्सिनेशन भी किया जा रहा है, लेकिन जिस तेजी से वेक्सिनेशन का कार्य किया जाना चाहिए था वैसा होता नहीं दिख रहा है, जिले में वेक्सिनेशन सेंटर सिमटते जा रहे हैं. वैक्सिनेशन के लिए पहुंचे लोगों को बिना वैक्सीन लगवाए ही वापस जाना पड़ रहा है, लोगों को दुसरा डोज लगवाने के लिए बढ़ते संक्रमण के बीच अस्पताल में चक्कर लागने पड़ रहे हैं.

केंद्र सरकार ने 1 मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के टीकाकरण की बात कही है, तो राज्य सरकार ने इसे मुफ्त में लोगों को लगाने की बात कह रही है, देखा जाए तो वोट बैंक के चलते लगभग देश के सभी राज्य अपने राज्य वाशियों को मुफ्त में ही टीका लगवायेगी. और उपलब्धि बताने में लग जाएगी, हलाकि पहले कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं को स्वदेशी वैक्सीन पर भरोषा नहीं था, इसे लेकर उन्होंने कई तरह के सवाल भी उठाये थे. इसके बाद देखना होगा कि कौन-कौन सी राज्य की सरकारें इस वैक्सीन को अपने प्रदेश के लोगों की मुफ्त में लगवायेगी. फिलहाल छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में कई बनाये गए वैक्सीन सेंटर सिमट चुके है, 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को भी टीका लगवाने के लिए अस्पतालों के चक्कर लागने पड़ रहे हैं.

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें