महासमुंद : कलेक्टर ने लोगों कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए दवा तत्काल उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
सभी सीएससी एवं निजी चिकित्सालयों में गम्भीर मरीजों के उपचार के लिए ऑक्सीजन सिलेण्डर 24 घण्टे बैकअप प्लान के साथ रखें: कलेक्टर डोमन सिंह
अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को सीमावर्ती क्षेत्रों में 72 घंटे की रिपोर्ट देखकर ही जिले में प्रवेश करने की अनुमति दें: कलेक्टर डी. सिंह
कलेक्टर डोमन सिंह ने आज जनपद पंचायत बसना के वीडियों कांन्फ्रेंसिंग कक्ष के माध्यम से जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी एवं बीपीएम की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में कोविड-19 के लक्षण आते ही नागरिकों को दवाई किट स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों के माध्यम से उपलब्ध कराएं। उन्होंने अधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्यकर्ता एवं मितानिनों को दी गई दवाई किट में उपलब्ध दवाईयों का भी जाॅच करने को कहा है तथा जिन दवाईयों की कमी हो रही हैं। उसे स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने कोविड-19 के लक्षण वालें व्यक्तियों का अधिक से अधिक टेस्ट करने एवं लक्षण मिलने पर उन्हें दवाईयां भी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यदि रेल्वे स्टेशन एवं अंतर्राज्यीय सीमा क्षेत्र में आने वाले और क्वारेंटाईन सेंटर में रहने वाले लोगों का टेस्ट अनिवार्य रूप से करें। यदि कोई व्यक्ति कोविड-19 से संक्रमित पाया जाता है तो उसकी जानकारी निर्धारित प्रपत्र में संलग्न कर जिला कार्यालय को प्रेषित करें। प्रत्येक गांव में बाहर से आने वाले महिला एवं पुरूषों के लिए अलग-अलग क्वारेंटाईन संेटर बनाए गए हैं। जहां बाहर से आने वाले व्यक्ति निर्धारित अवधि तक ठहर रहें हैं। उनके लिए राशन इत्यादि की व्यवस्था पंचायत के माध्यम से कराएं और यह भी ध्यान रखें कि कोई भी व्यक्ति क्वारेंटाईन सेंटर से निर्धारित अवधि तक बाहर न निकलें। इसके लिए स्थानीय स्तर पर उनकी देख-रेख करने की व्यवस्था के लिए कर्मचारी एवं स्वयं संगठनों की मदद लें। ग्राम पंचायतों में जरूरतमंद लोगों को खाद्यान्न सामग्री अनिवार्य रूप से वितरण कराएं। शासन द्वारा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं डॉ खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना में पंजीकृत निजी अस्पतालों को कोविड-19 संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए अनुमति दिया गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, स्वास्थ्य तथा अन्य अधिकारी संबंधित चिकित्सालयों में इस योजना के तहत उपचार किया जा रहा है कि नहीं इसका भी जाॅच करें तथा सभी निजी चिकित्सालयों में उपचार के लिए निर्धारित मूल्य सूची भी फ्लैक्स के माध्यम से प्रदर्शित कराएं। प्रत्येक पंचायतों में जरूरतमंदों को तत्काल चेकअप करने के लिए आॅक्सीमीटर और थर्मल गन की खरीदी करें।
कोविड-19 के संक्रमण के प्रभाव से बचने, उचित व्यवहार अपनानें, निर्धारित गाईड लाईन का पालन करने के उपाय के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों तथा सभी क्वारेंटाईन संेटर में नारा, स्लोगन, पेंटिंग, मुनादी, माईकिंग सहित अन्य माध्यम से प्रचार-प्रसार कराएं। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छोटे-छोट कंटेनमेंट जोन बनाने की तैयारी रखें। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में गम्भीर मरीजों के लिए आॅक्सीजन सिलेण्डर 24 घण्टे बैकअप प्लान के साथ आॅक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन के साथ रखें। जिले में होम आईसोलेशन में रह रहें मरीजों के मकानों में स्टीकर लगवाएं तथा बनाए गए कंट्रोल रूम से उनके स्वास्थ्य के बारें में लगातार जानकारी लेते रहें। कोविड-19 से किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो डेथ बाॅडी के निर्धारित प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए उनका अंतिम संस्कार कराएं। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में बिजली बैकअप, थ्री फेज कनेक्शन, जनरेटर, इन्वर्टर, फायर फाईटिंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से कराएं। द्वितीय चरण के टीकाकरण के लिए लोगों को अधिक से अधिक प्रेरित करें। कोविड-19 के धनात्मक प्रकरण प्राप्त होने पर कम से कम उनके सम्पर्क एवं आसपास में रहने वाले 10 से 15 लोगों का कांटेक्ट ट्रेसिंग करें। जिन क्षेत्रों में सब्जी की सप्लाई चिल्हर विक्रेताओं को की जा रही है, उन स्थलों पर प्रतिदिन सैनेटाईज एवं ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करें। ई-पास की सुविधा अनिवार्य होने पर ही नागरिकों को प्रदाय किया जाएगा। लाॅकडाउन के दौरान भी जिले के निर्धारित केन्द्रों पर आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहें हैं। इस पर और अधिक प्रगति लाएं ताकि लोग आवश्यकता पड़ने पर इसके माध्यम से उपचार करा सकें। अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को सीमावर्ती क्षेत्रों में 72 घंटे की रिपोर्ट देखकर ही जिले में प्रवेश करने की अनुमति प्रदान करें। यदि वहां पर रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराने पर उनका टेस्ट करें। यदि पाॅजिटीव मिलने पर उनकी स्थिति के अनुरूप उन्हंे क्वारंेटाईन सेंटर पर ठहराएं। इसके अलावा उन्होंने पंचायतों में महात्मा गांधी नरेगा के कार्य को सुचारू रूप से जारी रखने के निर्देश दिए है। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश छिकारा मौजूद थे।
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