महासमुंद : एसडीओ नाविक ने अपने ऊपर लग रहे आरोपों को बताया निराधार, कहा बेवजह किया जा रहा ब्लैकमेल....
वन मंडल महासमुंद के एस.डी.ओ. शिवशंकर नाविक ने खबरों के माध्यम से लग रही अपने आरोपों को निराधार बताया है, एस.डी.ओ. शिवशंकर नाविक ने बताया कि ऐसी ख़बरों का कोई ओर छोर नहीं है. ऐसी ख़बरों से छवि धूमिल हो रही है. एस.डी.ओ. नाविक ने बताया कि कुछ लोग ऐसा चाह रहे हैं कि जल्द से जल्द मेरा यहाँ से ट्रांसफर हो जाए ताकि वे अपने भ्रष्टाचार को अंजाम दे सकें.
एस.डी.ओ. नाविक ने बताया कि मुझे रिलीफ मिलते ही मैं नव पदभार ग्रहण कर लूंगा, लेकिन कुछ लोग ऐसी ख़बरों को बेवजह तूल दे रहे जिसकी दो बार जाँच कर रिपोर्ट भेजी जा चुकी है. मेरे बारें में जो भी जानकारी छापी जा रही है वह पूरी तरह से गलत है. इस मामले में कभी मेरे से पूछताछ नही किया गया केवल एकपक्षीय निराधार बेबुनियाद खबरों को चलाया गया.
एस.डी.ओ. नाविक ने बताया कि हाथी मुआवजा राज्य शासन के पांच लोग मिलकर तैयार करते हैं जिसमे क्षेत्र में वनरक्षक, वन समिति अध्यक्ष, ग्राम पंचायत सरपंच, पटवारी एवं किसान मौजूद रहते हैं. इस समिति में एस.डी.ओ. , रेंजर का कोई रोल नहीं है. इसे राज्य शासन ने बनाया है.
इस मामले की शिकायत उच्चस्तर, राज्यपाल, मुख्यमंत्री तक से कि जा चुकी है, जो जाँच होकर चला गया है. इस मामले को विधानसभा के पटल पर भी रखा जा चूका है. एस.डी.ओ. नाविक ने बताया कि इस मामले में मुझे बेवजह ब्लैकमेल किया जा रहा है और मैं किसी भी कीमत में ब्लैकमेल नहीं होने वाला. चाहे तो मामले की फिर से जाँच करवा ले.