केन्द्र सरकार द्वारा खाद के दामों में बढ़ोतरी कर किसानों में चिंताएं बढ़ गई :- आरिफ अली पिंकी
केन्द्र कि भाजपा सरकार द्वारा रासायनिक खाद उर्वरकों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि के विरोध मे झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ कांग्रेस कमेटी महासमुन्द के जिलाध्यक्ष आरिफ अली पिंकी के केन्द्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया साथ ही उन्होंने कहा है कि एक ओर जहां केंद्र सरकार उर्वरकों की कीमतों में बढ़ोतरी कर रही है वही प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसानों को संकट के समय अतिरिक्त सहायता दे रही है।भाजपा किसानों की आय दुगनी की घोषणा कर उनके खिलाफ कानून बनाती है। और वही कोरोना संकट के समय जीवन मृत्यु से जूझ रहे किसानों के लिए रासायनिक खाद के दामों को बड़ा कर केंद्र सरकार की ओर से किया गया अन्याय है। और कहा कि केंद्र सरकार ने खाद के दाम में भारी बढ़ोतरी की है।
जबकि इसके विपरीत कोरोना संक्रमण काल में भी प्रदेश की कांग्रेस सरकार राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किश्त स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर 21 मई को किसानों के खाते में डालने जा रही है।वही किसान विरोधी केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा रासायनिक खाद के दामों में बढ़ोतरी की निंदा करते हुए ने कहा है कि डीएपी, एनपीके, एमओपी के दाम बढ़ाए गए हैं। इसके परिणाम स्वरूप 1150 की डीएपी अब 1900 रुपए बोरी मिलेगी। 1285 की एनपीके 1747 में और 850 का एमओपी 1000 में मिलेगा। इस तरह सरकार ने एकमुश्त 58 प्रतिशत की वृद्धि कर अपने किसान विरोधी और कम्पनी परस्त नीतियों का खुला प्रदर्शन किया है। मनमाने ढंग से कृषि नीतियों में बदलाव काले कृषि कानून के चलते पांच माह से चल रहे आंदोलन पर यह जख्मों में नमक छिड़कने जैसा है। केंद्र सरकार से मांग करते है कि सरकार रासायनिक खाद के दामों में की गई बढ़ोतरी को वापस ले।
वही आरिफ अलि पिंकी ने कहा कि एक तरफ तो केंद्र की भाजपा सरकार ने स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने का भरोसा दिया था, किसानों की आमदनी दुगुनी करने की बात थी, लेकिन सरकार निरंतर किसान और किसानी विरोधी फैसले ले रही है। इस संकट की घड़ी में तो यह अस्वीकार्य, अशोभनीय और निंदनीय है। सरकार पुनर्विचार कर इसे वापस ले।हम केंद्र की इस नीति का विरोध करते हैं और जल्द केंद्र सरकार से इसे वापस लेके के लिए कहते हैं।