कोरोना के इस दौर में महासमुंद की प्रिया, मंजू और प्रीतम बने, बेसहारा लोगों का सहारा- लगभग 50 लोगों के लिए कि भोजन की समुचित व्यवस्था
आज के इस दौर में लड़कियां लड़कों से कम नहीं, शिक्षा और समाज के क्षेत्र में अनेकों उपलब्धियों के साथ लड़कियां आगे बढ़ रही है, लड़कियां अब कमजोर नहीं वह अपने दृढ़ निश्चय और संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
ऐसा ही कुछ देखने को मिला कोरोना की इस विषम परिस्थिति में, जहां पूरा देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है, और लोग अनाथ बेसहारा लोगों की मदद कर रहे है।
इस कोरोना महामारी में बेसहारा लोगों की मदद करने के लिए महासमुंद जिले की प्रिया साहू, मंजू साहू, और प्रीतम साहू निकल पड़े अपने रास्ते की ओर, रास्तों में उन्होंने ऐसे कई लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जिनके पास ना तो रहने को छत, न हीं खाने की कुछ व्यवस्था, उन्होंने रास्ते में जितने भी ऐसे लोग दिखते गए उनकी मदद के लिए 50 नग भोजन पैकेट की मदद की।

हमारी टीम ने उनसे बात किया तो उन्होंने बताया कि- कोरोना के इस दौर में लोग आर्थिक स्थिति से गुजर रहे है, सरकार और अधिकारी कर्मचारी को तमाम प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सोचा की हम भी आगे आएं, हमने "सोशल डिस्टेंसिंग" के साथ ऐसे लोगों की मदद की जो लोग रास्ते पर सोते हैं, जिनके पास रहने को छत नहीं है, हमने रास्ते में रिक्शेवाले की भी मदद की, ऐसे 50 से भी अधिक लोगों की हमने मदद की उनके लिए भोजन की व्यवस्था कर उनका हालचाल जाना इसी तरह आगे भी हम इस तरह का कार्य करते रहेंगे।
कोरोना काल के इस दौर में ऐसे लोगों को जो बेसहारा लोगों का सहारा बनते हैं उनके लिए समुचित व्यवस्था कराते हैं, ऐसे लोगों को हमारी टीम सलाम करती है।