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मृत व्यक्ति के नाम पर मनरेगा कार्य में भुगतान.....शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी....

जनपद पंचायत सारंगढ़ अन्तर्गत ग्राम पंचायत खुड़ूभाठा में एक महिला सरपंच का बहुत ही बेहूदा वीडियो वायरल हुआ है जिसमें महिला सरपंच के द्वारा गर्भवती महिला पंच को डराया धमकाया जा रहा है। साथ ही गर्भवती महिला के पति एवम् परिवार को जान से मारने की धमकी भी दे रही है।

सरपंच पद का गुमान इस तरह से सरपंच के ऊपर चढ़ा हुआ है कि घर घुस कर तथा बीच बस्ती में भी सरपंच अपने पति तथा कुछ और लठैत को लेकर गाली गलौज कर रही है, तथा सरपंच पद से मुझे कोई हटा नहीं सकता जैसे बातों को कहते हुए अश्लील गाली दे रही है।
सरपंच का दायित्व गांव में शांति स्थापित करने का होता है, महिलाओं के लिए प्रतिकूल व्यवहार स्थापित किया जाना होता है किन्तु यहां इसके विपरीत कार्य सरपंच के द्वारा किया गया।

थाने में शिकायत दर्ज, किन्तु अभी तक कार्यवाही नहीं..

पीड़ित महिला पंच श्रीमती उमा ने घटना के दिन ही सारंगढ़ पुलिस थाना पहुंच कर न्याय का गुहार लगाते हुए थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।

सरपंच के खिलाफ एसडीएम से की शिकायत

लॉक डाउन से पूर्व हुए इस घटना से क्षुब्ध होकर ग्राम पंचायत के बुजुर्ग लोगो ने बैठक बुला कर सरपंच के इस कृत्य का घोर निन्दा किया तथा सरपंच एवम् सरपंच पति द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के खिलाफ एसडीएम न्यायालय में आवेदन पत्र जमा कर दिया है, जिसमें ग्रामवासियों को न्याय मिलने की उम्मीद है।

सरपंच के खिलाफ जांच में शिकायत सही पाए जाने की पुष्टि की गई

एसडीएम सारंगढ़ द्वारा शिकायत प्राप्त होने के पश्चात तत्काल सीईओ जनपद पंचायत सारंगढ़ को जांच के आदेश दिए, जिसमें बाद सीईओ जनपद ने जांच दल गठित कर कार्यवाही को आगे बढ़ाया। जांच दल द्वारा ग्राम पंचायत भवन में शिकायतकर्ता एवम् ग्रामवासियों की उपस्थिति में शिकायत का बिंदुवार जांच किया गया, जिसमें शिकायत का सही होना पुष्टि किया गया है।

सरपंच ने अपने पति को पद का प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया, पति के माध्यम से पंचायत में कार्य करवाना गलत

पंचायत के कृत्यों को परिभाषित करने के लिए पंचायती राज अधिनियम बनाया गया है जिसमें सरपंच द्वारा अपने किसी भी परिजन को नियोजन या परिजन के माध्यम से पंचायत का कोई कार्य करवाना मिसकंडक्ट के अन्तर्गत आता है।

मृत व्यक्ति के नाम पर मनरेगा कार्य में कई सप्ताह तक भुगतान

ग्राम पंचायत खुड़ूभाठा में सरपंच का मनमानी इस कदर हावी है कि मनरेगा जैसे महती योजना में भी घपला करने से बाज नही आई, ज्ञात हो कि तालाब गहरी कार्य के नाम पर कई सप्ताह तक मृतक सत्या बाई/मोती लाल के नाम पर मनरेगा भुगतान किया गया है, जिसे जांच दल ने सही पाया है।

इस विषय में शिकायतकर्ता उप महिला पंच लक्ष्मी बाई कुर्रे एवम् अन्य पंचों ने बताया की सरपंच के खिलाफ उचित कार्यवाही नहीं किया तो वह न्याय पाने के लिए उच्च न्यायालय तक जाएंगे। सभी दस्तावेज सरपंच के खिलाफ है जिसे जांच दल ने पुष्टि किया है इस कारण यह उम्मीद है कि एसडीएम न्यायालय में हमारे गांव को न्याय मिलेगा।