महासमुंद : 5.20 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार के मंशानुरूप एवं कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन एवं सतत निगरानी में महासमुंद जिले में धान खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता, सुव्यवस्थित व्यवस्था एवं किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए सुचारू रूप से जारी है।
02 जनवरी की स्थिति में जिले के 182 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से कुल 5,20,220.72 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है, जो राज्य में सर्वाधिक है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी केंद्रों पर समयबद्ध खरीदी, तौल, बारदाना उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
उपार्जित धान के त्वरित भंडारण और मिलर्स को आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु निरंतर उठाव की कार्रवाई की जा रही है। अब तक मिलर्स द्वारा 1,17,374.07 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है। वहीं 1,85,269 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में जिले में धान खरीदी की समस्त गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीदी केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, भुगतान प्रक्रिया समय पर हो तथा उपार्जन, भंडारण और उठाव के कार्य में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखी जाए। कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया है कि धान उठाव में तेजी लाई जाए, केंद्रों पर जाम की स्थिति न बने तथा गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। इसके लिए खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, जिला विपणन अधिकारी एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय से कार्य किया जा रहा है।
धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था से किसान भी संतुष्ट है। बरोंडाबाजार के कृषक योगेश कुमार नारंग ने बताया कि उन्होंने अपने 2 एकड़ की खेती से उत्पादित 30 क्विंटल धान को ऑनलाइन टोकन कटवाकर आसानी से बेचा। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र में हमाल की पर्याप्त उपलब्धता होने के कारण धान तौल एवं उठाव में उन्हें कोई समस्या नहीं हुई। उन्होंने इस सुचारू व्यवस्था से खुशी जाहिर करते हुए शासन एवं जिला प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया है।