महासमुंद : कलेक्टर सिंह ने अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों के निराकरण में और तेजी लाने के दिए निर्देश
सभी राजस्व अधिकारी सीमांकन, विवादित-नामांतरण, अविवादित बंटवारा, भू-अर्जन के प्रगति, भुगतान किए गए राशि, वनाधिकार पट्टा पुनर्विचार के प्रकरण, वनाधिकार पट्टा के लम्बित आवेदन, नगरीय निकाय को भू-आबंटन के लिए विगत माह में जिले को प्रेषित प्रकरण, 7500 वर्ग फीट भू-व्यवस्थापन में जमा राशि, जाति प्रमाण पत्र, डायवर्सन की वसूली के मामलें में निराकरण कर तेजी लाने के निर्देश कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने दिए। उन्होंने आज राजस्व अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा के साथ ही कोविड-19 के टीकाकरण कामों पर भी विस्तार से बातचीत की और जरूरी निर्देश दिए।
कलेक्टर सिंह ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निपटारे में पहले से काफी प्रगति आई है, मगर इसे और बेहतर किए जाए। उन्होंने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से कहा कि वनाधिकार अधिनियम के तहत् निरस्त किए गए वनाधिकार दावों की समीक्षा के कार्यों को प्राथमिकता के अपनें कार्यों में शामिल किया है। नगरीय क्षेत्र में प्रदत्त नजूल की भूमि पर आवास बनाकर रह रहें ऐसे ईच्छुक पट्टाधारियों से जिन्होंने पट्टे पर प्राप्त भूमि के संबंध में भू-स्वामी अधिकार हेतु आवेदन दिया है, उन्हें गाईड लाईन के आधार पर भू-स्वामी हक (मालिकाना हक) की समुचित कार्यवाही करें। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को कहा है कि डायवर्सन प्रकरणों पर गम्भीरता से विचार करें। राजस्व पखवाड़ा के दौरान शेष लम्बित प्रकरणों को यथाशीघ्र निराकरण करने का प्रयास करें।
कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने कहा कि जिले में जिले में व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टा के पात्र हितग्राहियों को पट्टा वितरण कराएं और ऐसे लोगों का रिकार्ड अच्छे तरीके से बनाकर जिला कार्यालय स्थित अभिलेखागार में अनिवार्य रूप रखवाएं। स्कूली विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र शीघ्र बनाकर प्रदान करें। उन्होंने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देशित करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग की आईडी में 10 हजार आवेदन वापस किया गया है। उसे विद्यार्थियों एवं उनके पालकों से यथा संभव दस्तावेज प्राप्त कर राजस्व विभाग के समन्वय से जाति प्रमाण पत्र बनावाएं। राजस्व अधिकारी अधिक-से-अधिक प्रकरणों की सुनवाई करें। इसके अलावा भूमि आबंटन के लिए लंबित आवेदनों का शीघ्र सही तरीके से निराकरण नियमानुसार करें।इस अवसर पर बैठक में अपर कलेक्टर जोगेंद्र कुमार नायक, एसडीएम सुनील कुमार चन्द्रवंशी, डिप्टी कलेक्टर सीमा ठाकुर, रितु हेमनानी, पूजा बंसल सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, नायब तहसीलदार वीडियों कांफ्रेन्सिंग के जरिए शामिल हुए।
भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर
पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.
अन्य सम्बंधित खबरें