बलिदान दिवस:भाजपा ने किया जनसंघ के संस्थापक डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद, धारा 370 हटाना स्वाभिमान का प्रतीक
बसना के ग्राम अरेकेल में जनसंघ के संस्थापक डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि बलिदान दिवस के रूप में मनाई गई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने डॉ.मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के पुण्यतिथि 21 जून से 6 जुलाई जयन्ती तक चरणबद्ध जो कार्यक्रम तैय्यार किया है उसके प्रथम कड़ी में यह कार्यक्रम बुधवार को भाजपा मंडल बसना के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद किया गया। मुख्य वक्ता एन. एल भोई ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अखंड भारत के लिए जो त्याग किया,वह कभी भुलाया नहीं जा सकता।कहा कि देश की अखंडता के लिए भाजपा सरकार ने अनुच्छेद 370 और 35ए को को खत्म कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का एक निशान, एक विधान और एक प्रधान का संकल्प पूरा किया है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में भारतीय जन संघ की नींव रखी थी।
मनोज अग्रवाल ने संबोधित करते हुए बताया कि मात्र 33 वर्ष की आयु में ही डॉ. मुखर्जी ने कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति बनने का सम्मान प्राप्त किया। एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान के विरुद्ध डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन छेड़ा था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से उन्होंने जनसंघ की स्थापना की।
पुण्यतिथि के अवसर पर कार्यक्रम का मंच संचालन मंडल महामंत्री अभिमन्यु जायसवाल ने किया एवं समापन की घोषणा भाजयुमो कार्यकारिणी सदस्य नंद किशन साव ने किया उक्त कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष अनिल अग्रवाल,महामंत्री अभिमन्यु जायसवाल, एन एल भोई,सांसद प्रतिनिधि कामेश बंजारा,भाजयुमो जिला कोषाध्यक्ष विकास वाधवा,मनोज अग्रवाल,नंदकिशन साव,उसतराम साव,नरेश डाबरा,नन्दराम साव,लक्ष्मन साव,भाजयुमो मंत्री ज्योतिष साव,जैकी डाबरा,गजानन्द डड़सेना,राजकुमार साव,दीपक साव,खेमसागर साव,संदीप साव,मन्नू डड़सेना,संजय भोई,हेमसागर यादव,अमन सिदार,हर्ष बारीक,त्रिलोक सिदार आदि उपस्थित रहे।