एनएच एमएमआई नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल रायपुर के विशेषज्ञ अब अग्रवाल नर्सिंग होम में भी देंगे परामर्श
आज हमारा राज्य स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है फिर भी राज्य के अधिक जिलों में लोगों को विशेषज्ञ परामर्श के लिए रायपुर जाना पड़ता है. इसी कमी को पूरा करने के लिए एनएच एमएमआई नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल रायपुर द्वारा अग्रवाल नर्सिंग होम के संयोग से बसना ने प्रत्येक माह विशेष परामर्श क्लिनिक की सुविधा प्रारम्भ हो रही है. जिसमे एनएच एमएमआई के विशेषज्ञ डॉक्टर प्रत्येक माह अपनी सेवाएँ प्रदान करेंगे.
अग्रवाल नर्सिंग होम के डायरेक्टर डॉ. एन के अग्रवाल ने बताया की हम बसना में स्वास्थ्य सुविधा बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं. आज छत्तीसगढ़ प्रदेश के लोगों को गंभीर से गंभीर बीमारियों के लिए महानगरों में बड़े अस्पतालों में भटकना नहीं पड़ता क्योंकि एमएमआई नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर में सभी प्रकार की बीमारी का अत्याधुनिक तकनीक द्वारा किफायती दर में इलाज़ होता है और अब बसना के लोगों को और पास अग्रवाल नर्सिंग होम में ह्रदय रोग, किडनी रोग, कैंसर रोग, पेट एवं लीवर की बीमारी, मधुमेह रोग एवं अन्य बीमारियों पर प्रत्येक माह में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय शनिवार को एमएमआई नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा परामर्श दिया जाएगा, जिसके लिए मरीज़ अग्रिम पंजीयन करवा कर अपना परामर्श समय सुनिश्चित कर सकते हैं.
अग्रवाल नर्सिंग होम आयोजित प्रेस वार्ता में विशेष परामर्श क्लिनिक की लॉन्चिंग की गई. उक्त कार्यक्रम में एनएच एमएमआई हॉस्पिटल के क्लिनिक गवर्निंग कौंसिल के चैयरमैन डॉ. राजेन्द्र परगनिया, वरिष्ठ ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमंता शेखर पाढ़ी, वरिष्ठ किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील धरमानी, पेट, लीवर एवं अंत विशेषज्ञ डॉ. अनुपम महापात्रा एवं अग्रवाल नर्सिंग होम के डायरेक्टर डॉ. एन के अग्रवाल, डॉ. रीता अग्रवाल, डॉ. अभिषेक अग्रवाल, डॉ. खुशबू अग्रवाल, डॉ. अमित अग्रवाल भी उपस्थित थे.
आपको बता दें कि अग्रवाल नर्सिंग होम के डायरेक्टर डॉ. एन के अग्रवाल ने 1997 में क्षेत्र में क्रिटिकल कंडीशन को देखते हुए लिए 6 बिस्तर का अस्पताल शुरु किया था जो बढ़कर 30 बिस्तर का हो गया. और तब से यहाँ विशेषज्ञ बुलाये जा रहे हैं. डॉ. एन के अग्रवाल पूर्व में 20 वर्ष शासकीय सेवाएं भी दे चुके हैं, और बसना के बी.एम.ओ भी रहे हैं. डॉ. एन के अग्रवाल ने 15 हजार से ज्यादा नसबंदी के ऑपरेशन किये है.
नवजात की देखभाल के लिए एनआईसीयू की व्यवस्था.
ऐसे नवजात बच्चे जो प्रीमैच्योर (गर्भावस्था के 37 सप्ताह से पहले जन्म लेने वाले) होते हैं, या तो वह बच्चे जिनका जन्म के समय वजन कम (5.5 पाउंड से कम) होता है, या जो अधिक छोटे और कमजोर होते हैं, जिन शिशुओं को दिल की बीमारी, संक्रमण, या कोई अन्य जन्म दोष जैसी चिकित्सा स्थितियां होती है ऐसे शिशुओं की देखभाल भी एनआईसीयू में की जाती है. क्योकि इन्हें विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है. कुछ समय पूर्व अग्रवाल नर्सिंग होम में 600 ग्राम के एक बच्चे का जन्म हुआ था, जिसे स्वस्थ कर 1.8 KG किया गया.