महासमुंद : फर्जी तरीके से जमीन को बंधक रख निकला गया ऋण, दो तत्कालीन बैंक मैनेजर सहित 4 पर एफ.आई.आर
कोमखाना थाना अंतर्गत एक व्यक्ति का नाम उपयोग कर फर्जी तरीके से उसके जमीन को बंधक रख कर ऋण लेने का मामला सामने आया है. जिसमे दो तत्कालीन बैंक ब्रांच मैनेजर भी शामिल है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार आवेदक आनंदराम चौहान के द्वारा वर्ष 2012-2013 में अपने सामिल खाते की जमीन प.ह.नं. 39 में स्थित खसरा नंबर 232 रकबा 4.17 हेक्टेयर को विक्रय करने हेतु अपना ऋण पुस्तिका क्रमांक 318848 को कांशीराम बघेल को दिया था.
जिसके 03-04 वर्षो बाद भी जमीन का सौदा नही हो पाने से आदेवक आनंदराम ने अपनी ऋण पुस्तिका कांशीराम बघेल से वापस माँगा. लेकिन काशीराम इसपर आना-कानी करने लगा तथा आवेदक आनंदराम से 15000/- रूपये लेकर ऋण पुस्तिका बना देने की बात कहा. लेकिन ऋण पुस्तिका नही बनवाया.
ऋण पुस्तिका नहीं बनवाने से आवेदक आनंदराम को शंका होने हुआ तो वह थाना कोमाखान में ऋण पुस्तिका गुम जाने की सूचना देकर धारा 155 द.प्र.स. प्राप्त कर नई ऋण पुस्तिका तैयार करने हेतु तहसील कार्यालय बागबाहरा में आवेदन दिया.
जहाँ आवेदक आनंदराम को जानकारी हुआ की आवेदक की भूमि पर देना बैंक नर्रा में 1,50,000/- रूपये व केनरा बैंक बागबाहरा में 4,00,000/- रूपये के.सी.सी ऋण होने से ऋण पुस्तिका को बंधक रखा गया है. जिसके बाद आवेदक ने आमले की शिकायत पुलिस में की.
मामले की जांच में पुलिस ने पाया गया कि वर्ष 2013 में अनावेदक कृतपाल गाड़ा के द्वारा फर्जी ऋण पुस्तिका क्रमांक 272564 एवं फर्जी दस्तावेज तैयार कर आवेदक की सामिलात खाते की जमीन प.ह.नं. 39 में स्थित खसरा नंबर 232 रकबा 4.17 हेक्टेयर को अपने नाम पर दिखाकर देना बैंक नर्रा के तत्कालीन बैंक मैनेजर प्रशांत पटेल से मिलकर 1,50,000/- रूपये का के.सी.सी. ऋण एवं वर्ष 2015 में केनरा बैंक बागबाहरा से अनावेदक कृतपाल गांड़ा के द्वारा कांशीराम बघेल से आवेदक आनंदराम चौहान का ऋण पुस्तिका क्रमांक 318848 प्राप्त कर उसमें अपना फोटो चस्पा कर तथा फर्जी दस्तावेज तैयार कर केनरा बैंक बागबाहरा के तत्कालीन मैनेजर उज्जवल दास से मिलकर 4,00,000/- रूपये का के.सी.सी. ऋण स्वीकृत कराया.
मामले में पुलिस ने आरोपीगण कृतपाल गाड़ा, कांशीराम बघेल, प्रशांत पटेल, उज्जवल दास के विरूद्ध अपराध धारा 419, 420, 406, 409, 465, 466, 467, 468, 471, 477-A, 120-B, 34 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया है.
पीड़ित आनंदराम को आशंका है कि इसमें प.ह.न. 39 के पटवारी टी.एस. ठाकुर भी मिला होगा. पीड़ित ने बताया कि पटवारी रिपोर्ट में उक्त जमीन का दिया गया है जाति रिकार्ड संदेह को उत्पन्न करता है.