महासमुंद: तुमाडबरी गौठान में स्व सहायता समूह की महिलाओं ने शुरू किया नेपियर ग्रास लगाने का काम, मवेशियों को जल्द मिलेगी पौष्टिक नेपियर घास
महासमुंद: नगरीय क्षेत्र महासमुंद अंतर्गत प्रस्तावित तुमाडबरी गौठान में पशुओं के उत्तम चारा के लिए नेपियर ग्रास लगाने का कार्य स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा कर दिया गया है। नगर पालिका अधिकारी श्री ए.के. हलधर ने बताया कि वर्तमान में लगभग आधा एकड़ में घास लगाया जाने का लक्ष्य है। पशुओं के लिए पौष्टिक माने जाने वाले नेपीयर घास की खासियत एवं गुणवत्ता को देखते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी के निर्देशन मे इसे रोपित किये जाने की तैयारी प्रारंभ हो गयी है।
संकर नेपियर घास की खेती इस क्रम में एक अच्छा विकल्प हो सकता है, जिससे अन्य चारा फसलों की अपेक्षा कई गुना हरा चारा मिलता है. साथ ही इसकी खेती से 4-5 वर्षों तक बुवाई पर होने वाले व्यय की भी बचत होती है. संकर नेपियर घास एक बहुवर्षीय चारा फसल है एक बार बोने पर 4-5 वर्ष तक सफलतापूर्वक हरा चारा उत्पादन करती है.
नेपियर घास की खास बातें नेपियर घास बाजरा की हाईब्रिड वैरायटी है। जो कि न केवल बंजर जमीन बल्कि खेतों की मेड़ों पर उगाई जा सकती है। केवल सिंचित करने की आवश्यकता है। यह समय यानि बरसात का समय नेपियर घास की रोपाई करने का सही समय है। यह घास बीस से पच्चीस दिन में तैयार हो जाती है। नेपियर घास का उत्पादन प्रति एकड़ लगभग 300 से 400 क्विंटल होता है। एक बार घास की कटाई करने के बाद उसकी शाखाएं पुनरू फैलने लगती है।