महासमुंद : कलेक्टर ने जिले के राजस्व अधिकारियों की ली बैठक
उन्होंने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हए नामांतरण के विवादित एवं अविवादित बंटवारा के विवादित एवं अविवादित, सीमांकन, बंदोबस्त त्रुटि सुधार, डायवर्सन, अतिक्रमण, ई-कोर्ट में निराकृत प्रकरणों के साथ ही ऑनलाईन पंजीयन पर निराकरण के बारें में भी पूछा। उन्होंने राजस्व के सभी मदों की वसूली, निराकृत राजस्व प्रकरणों को रिकॉर्ड रूम में जमा करने की स्थिति के बारें में भी एक-एक करके जानकारी ली। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि पटवारियों की नियमित बैठक लें। इसके साथ ही आर.बी.सी 6-4 के प्रकरणों की त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में चिटफंड कंपनियों के अचल सम्पतियों पर कार्रवाई करने कहा। सिंह ने कहा कि राजस्व का मूल काम भू-अर्जन है। उन्होंने कहा कि भू-अर्जन मुआवजा वितरण करने की प्रक्रियात्मक कार्रवाई जल्द से जल्द करनी चाहिए।
राजस्व अधिकारियों ने बताया कि जिले के नगरीय क्षेत्रों में 7500 वर्गफीट तक अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन के कुल 19 स्वीकृत निराकृत प्रकरणों में एक करोड़ 75 लाख 71 हजार रूपए की राशि जमा की करायी गई है। इसी तरह नगरीय क्षेत्रों के पुराने आबादी भूमि का 903 नए आबादी पट्टों का वितरण किया गया है और ग्रामीण क्षेत्रों में पुरानी आबादी भूमि का 67 हजार 53 नए आबादी पट्टों का वितरण किया गया है। व्यक्तिगत वनाधिकार के तहत् 945 व्यक्ति पात्र पाए गए है, इनमें से 136 लोगों को पट्टे जारी किए गए है तथा 111 लोगों को ऋण पुस्तिका प्रदान किया गया है। अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के 7580 जाति प्रमाण-पत्र का अनुमोदन किया गया है। जून माह में शासकीय भूमि के अतिक्रमण के 557 मामलें तथा डायवर्सन के 441 मामलें को निराकृत किया गया है। इसके अलावा ई-कोर्ट में 2051 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर जोगेंद्र कुमार नायक, संयुक्त कलेक्टर सुनील कुमार चन्द्रवंशी, डिप्टी कलेक्टर सीमा ठाकुर, ऋतु हेमनानी, पूजा बंसल सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, नायब तहसीलदार वीडियों कांफ्रेन्सिंग के जरिए शामिल हुए।