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महासमुंद: गौठानों के स्वावलंबी होने पर स्व-सहायता समूह की महिलाएं अपने गतिविधियों का चरणबद्ध तरीके से संचालन कर अधिक आय अर्जित कर पाएंगे : कलेक्टर सिंह

महासमुंद: कलेक्टर डोमन सिंह ने छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी योजना नरवा, गुरूवा, गरवा और बाड़ी के अंतर्गत बुधवार को महासमुन्द, पिथौरा एवं बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम गोपालपुर, तुरेंगा, गड़बेड़ा, बरतुंगा, तिलईदादर एवं मनबाय के गौठान, चारागाह का अवलोकन किया। वहां उन्होंने समूह की महिलाओं से बात की एवं बनाए गए वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट खाद के भुगतान के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर सिंह ने क्रय किए हुए वर्मी कम्पोस्ट खाद को तुरंत सहकारी समिति को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट खाद को सुरक्षित रखें। उन्होंने गोबर खरीदी एवं बिक्री किए गए वर्मी कम्पोस्ट खाद की राशि के भुगातन की भी जानकारी ली। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश छिकारा मौजूद थे।

कलेक्टर सिंह ने समूह की महिलाओं से बात-चीत करतें हुए कहा कि यह योजना ग्रामीणों के आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए लाभकारी है। राज्य शासन द्वारा सभी गौठानों को शीघ्रता से स्वावलंबी बनाने के लिए विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गौठानों के स्वावलंबी होने पर उन्हें राज्य शासन से राशि की आवश्यकता नहीं होगी और वे अपने गतिविधियों का समयबद्ध ढंग से संचालन कर अधिक-से-अधिक आय अर्जित कर पाएंगे। उन्होंने गोबर के आवक के हिसाब-किताब सही तरीके से रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि गौठानों में जरूरत के मुताबिक मवेशियों के लिए छायादार पौधा रोपण करने अपनी जरूरत के मुताबिक पौधों के लिए वन विभाग से मांग की जा सकती है। वन विभाग निःशुल्क पौधा प्रदाय कर रहा है।

कलेक्टर डोमन सिंह ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को गौठान एवं चारागाहों में नैपियर घास, नीम, करंज सहित अन्य औषधि छायादार पौधा लगाने, पोषण बाड़ी बनाने को कहा। वर्मी टांका में कम्पोस्ट खाद बनाने की प्रक्रिया को सुचारू रूप से जारी रखें। इस दौरान संबंधित विभाग के अधिकारियों को महिला स्व-सहायता समूह को उनके द्वारा विक्रय किए गए वर्मी कम्पोस्ट खाद का भुगतान समय पर कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पशुओं के लिए पौष्टिक माने जाने वाले नेपीयर घास की खासियत एवं गुणवत्ता को देखते हुए चारागाह में नेपियर घास अधिक से अधिक लगाएं। नेपियर ग्रास लगाने का कार्य स्व-सहायता समूह की महिलाओं को दिया जाए। जिन गौठानों एवं चारागाह में फेंसिंग की व्यवस्था नहीं हुई है, ऐसे गौठानों में फेंसिंग एवं अन्य कार्य कराने के लिए कार्ययोजना बनाकर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के माध्यम से जिला पंचायत को भेजने की कार्रवाई किया जाए ताकि स्वीकृत दिलाई जा सके।

इस दौरान कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एसडीएम, जनपद पंचायत के सीईओ, सरपंच सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने बरतुंगा के चारागाह में कटहल के पौधरोपण किया। इस दौरान संबंधित विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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