महासमुंद : बीजेपी में कार्यकर्ताओं का टोटा, पद बाँट-बाँट कर जुटा रही भीड़.
महासमुंद जिला पिछले कई वर्षों से बीजेपी के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, आलम ऐसा है कि पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी में से भी कौन कब भीतरघात कर दे किसी पर भी भरोषा नहीं किया जा सकता. वह भी तब जब सभी अपने आप को आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी बता रहें हों.
बात करते हैं भाजपा जिले के बसना विधानसभा की जहाँ की पूर्व विधायक रूपकुमारी चौधरी वर्त्तमान में पार्टी की जिलाध्यक्ष हैं, बीते विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद इनका एक कथित ऑडियो वायरल हुआ, जिसका नुक्सान पार्टी को उठाना पड़ा.
बसना विधानसभा में बीजेपी पार्टी पर पैराशूट प्रत्याशी और पैसे देकर टिकट देने का आरोप लगाकर पार्टी के कार्यकर्ता संपत अग्रवाल ने पार्टी छोड़ दी, तो वहीँ पुरंदर मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से कई नाराज कार्यकर्ता भी पार्टी प्रचार में नहीं दिखे, जिसपर दुसरे किसी जिले में जिम्मेदारी मिलने का कारण बताया गया, शायद पार्टी भी पैराशूट प्रत्याशी उतारने के बाद भीतरघात के हमले से डर गई थी इसलिए स्थानीय नेताओं को दुसरे जिले की जिम्मेदारी देकर उन्हें मूल स्थान से रवाना कर दी.
अब इधर सत्ता के जाते ही बीजेपी में कार्यकर्ताओं का टोटा होने लगा है, मोदी सरकार के बढ़ती महंगाई के इस दौर में अब उसका कार्यकर्ता पेट्रोल खर्च कर राज्य में कांग्रेस सरकार का विरोध भी करने नहीं पहुँच पा रहा है, मजबूरन पार्टी को पद बाँट बाँट कर भीड़ जुटानी पड़ रही है, जिले में गली गली हर वार्ड में कहीं ना कहीं जिले राज्य के पदाधिकारी देखने को मिल जायेंगे. तो वहीँ कांग्रेस आज भी केवल कार्यकर्ता जोड़कर अपने संगठन को मजबूत कर रही है.
कार्यकर्ताओं के आभाव में अन्य संगठन के युवाओ को पद का लालच लेकर अपने संगठन में जोड़ रही है, और भीड़ जुटा रही है, यहाँ तक कि जिले में एक ऐसा भी मामला सामने आ चूका है जिसमे एक कांग्रेस कार्यकर्ता को बीजेपी ने अपने पार्टी में शामिल कर सूचि जारी किया था, और कांग्रेस के उसी कार्यकर्ता ने विज्ञप्ति जारी कर इसे बीजेपी की साजिश बताया.
आज के दौर में राजनीती और पत्रकारिता सबसे महँगी चीज हो है, देश को जरुर अच्छे और युवा नेताओं की आवश्यकता है, लेकिन इस भीड़ की राजनीति में केवल पद के लालच में कई युवा राजनीति में अपना भविष्य दाव पर लगा रहे हैं, अगर आपमें हुनर और काबिलियत है तभी जुड़िये केवल पद के लालच में नहीं.