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स्वास्थ्य मंत्री नाराज...MLA बृहस्पत सिंह को नोटिस जारी ....

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव पर आरोप लगाए हैं. बृहस्पत सिंह ने कहा था कि वो महाराजा हैं, मेरी हत्या करा सकते हैं. हत्या कराने से अगर सिंहदेव मुख्यमंत्री बन सकते हैं तो उन्हें ये पद मुबारक़ हो. मंत्री सिंहदेव कांग्रेस विधायकों का अपमान करते हैं. उन्होंने कहा था कि ऐसे मंत्री को पद पर रहने का अधिकार नहीं है. हालांकि विधायक की बैठक के बाद मंत्री टीएस सिंहदेव और विधायक बृहस्पत सिंह एक साथ नजर आए थे.दिन भर की विवाद के बाद नोटिस जारी किया। 24 में बृहस्पत सिंह से जवाब माँगा है। पंजाब और राजस्थान के बाद अब कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में भी सियासी घमासान तेज हो गया है। रामानुजगंज विधायक बृहस्पत सिंह के आरोप के बाद मंगलवार को विधानसभा में मंत्री टीएस सिंहदेव शासन की तरफ से स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए सदन से बाहर चले गए। इससे विपक्ष को सरकार पर हमले तेज करने का मौका मिल गया। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश में संवैधानिक संकट की स्थिति है। एक मंत्री को अपनी सरकार पर भरोसा नहीं है। इस बीच, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और मंत्रियों के आग्रह पर सिंहदेव एक बार फिर विधानसभा पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी। सिंहदेव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि अब इस मामले में जो भी कहना होगा, मुख्यमंत्री ही कहेंगे।

विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय से करीब एक घंटे 40 मिनट की चर्चा के बाद बाहर निकले सिंहदेव से जब सवाल किया गया कि क्या विवाद सुलझ गया, उन्होंने कहा कि यह भविष्य के गर्भ में है। सदन में वापसी के सवाल पर सिंहदेव ने कहा कि बैठक में मैंने अपनी बात कह दी है। मैं अपनी बात पर अब भी कायम हूं। आगे जैसी परिस्थिति बनेगी, देखा जाएगा। देर शाम मुख्यमंत्री निवास पर सभी मंत्रियों का एक बार फिर जमावड़ा हुआ। कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो आलाकमान ने साफ कर दिया है कि विधायक बृहस्पत से पूरे मामले पर जवाब मांगा जाए। इसकी जिम्मेदारी पुनिया को सौंपी गई है। सूत्रों के मुताबिक बृहस्पत का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनका निलंबन भी किया जा सकता है।

विपक्ष ने की विधानसभा की समिति से जांच की मांग

सदन में विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने मंत्री ताम्रध्वज साहू को विधायक बृहस्पत सिंह के आरोप पर सरकार का पक्ष रखने का निर्देश दिया। मंत्री ने बताया कि यह घटना विधायक के फालोगार्ड के साथ हुई है। विपक्ष के विधायकों ने कहा कि वे सिर्फ अंबिकापुर में हुई घटना की जानकारी नहीं मांग रहे। विधायक बृहस्पत ने मंत्री सिंहदेव पर हत्या का आरोप लगाया है। उस पर सरकार का वक्तव्य आना चाहिए। विपक्ष के विधायकों ने इस मामले में विधानसभा की समिति से जांच कराने की मांग की।

सदन में यह कहकर बाहर निकल गए सिंहदेव

सदन में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के वक्तव्य के बाद शुरू हुए हंगामे के बीच मंत्री टीएस सिंहदेव उठे और कहा-बस, बहुत हो गया। भावुकता के चलते रुंधे गले से सिंहदेव ने कहा- मैं भी इंसान हूं। मेरे चरित्र को सब जानते हैं, लेकिन कुछ ऐसी बातें बताने की कोशिश की गई, जो लोगों के सामने नहीं है। मेरे माता-पिता के बारे में भी सब जानते हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को मुझे चेंबर में बुलाया था। मेरे बारे में जब तक शासन की तरफ से स्पष्ट जवाब नहीं आता, मैं इस पवित्र सदन में रहने के लायक खुद को नहीं मानता। यह कहकर सिंहदेव सदन से बाहर निकल गए।

सिंहदेव के जाने के बाद मुख्यमंत्री कक्ष में पहुंचे मंत्री

सदन से निकलने के बाद मीडिया से चर्चा किए बिना सिंहदेव सीधे अपनी गाड़ी में बैठे और सिविल लाइन स्थित बंगले पर आ गए। सिंहदेव जब सदन से बाहर निकले तो मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम और विधायक शैलेष पांडेय उनके साथ थे। सिंहदेव के जाने के बाद सभी मंत्री एक साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कक्ष में पहुंचे। यहां करीब 15 मिनट की चर्चा के बाद सदन की कार्यवाही शुरू हुई। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के हंगामे के बीच अनुपूरक बजट पटल पर रखा और सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।


पुनिया और मंत्रियों के आग्रह पर फिर पहुंचे सिंहदेव

घटनाक्रम की जानकारी होने पर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने सिंहदेव से चर्चा की। इस दौरान कई मंत्रियों ने भी सिंहदेव से संपर्क साधा। इस पर दोपहर दो बजे सिंहदेव एक बार फिर विधानसभा के लिए रवाना हुए। विधानसभा में मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने करीब एक घंटे 40 मिनट तक सिंहदेव से चर्चा की। हालांकि अंत तक दोनों पक्ष किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए।

पार्टी ने थमाया नोटिस, विधायक इतने गंभीर आरोप अपने मन से लगाया है या फिर उसके पीछे कोई गुटीय साजिश??? एक साधारण से विधायक के कृत्य से कांग्रेस पार्टी में रायपुर से लेकर दिल्ली तक घमासान मचा हुआ है, लेकिन इस विधायक को लेने के देने भी पड़ सकते है क्योंकि पार्टी ने इस विधायक को शोकाज नोटिस जारी कर दिया है। जी हां हम बात कर रहे कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह की लेकिन बड़ा सवाल कि क्या यह विधायक इतने गंभीर आरोप अपने मन से लगाया है या फिर उसके पीछे कोई गुटीय साजिश है ? इस अदृश्य शक्ति का क्या खुलासा हो पाएगा? आरोप लगाने वाले विधायक ने दिल्ली तक सनसनी फैलाकर चर्चित होने में कोई कसर नहीं छोड़ी मगर अब वे मुश्किल में पड़ते नजर आ रहे है चंद आदिवासी विधायको को एकत्र कर गुटीय राजनीति का खेला विधायक ने जो किया है वह खेला अब उसी पर भारी पड़ता दिख रहा है। वरिष्ठ मंत्री टी एस सिंहदेव पर विधायक ने जो संगीन आरोप लगाए वह उसी पर कहीं भारी न पड़ जाए

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