महासमुंद : स्वर्णकार समाज की बैठक में प्रदेश भर से जुटे समाज... - CG Sandesh

महासमुंद : स्वर्णकार समाज की बैठक में प्रदेश भर से जुटे समाजजन, विभिन्न मुद्दों पर बनी सहमति, आगामी रुपरेखा के लिए 13 को फिर जुटेंगे

स्वर्णकार समाज की विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं को लेकर शुक्रवार को ग्राम कांपा में बैठक हुई। सामाजिक बैठक में महासमुंद जिला सहित, दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव, धमतरी, गरियाबंद सहित प्रदेश के कई जिलों के समाजजन महिला और पुरुष बढ़-चढ़कर शामिल हुए।

बैठक के दौरान आगामी 2 अगस्त को ग्राम कांपा में निर्मित भवन के लोकार्पण का मुद्दा गरमाया रहा। जिले सहित अन्य जिलों के समाजजनों ने इस पर आपत्ति जताई कि बिना समाज के लोगों को जानकारी दिए उक्त आयोजन की गुपचुप तरीके से रुपरेखा तय की गई। जिससे समाज के वरिष्ठजन कतिपय कुछ लोगों के उक्त कृत्य से काफी आहत हैं और स्वयं को अपमानित महसूस कर रहे हैं। समाजजनों ने स्पष्ट कहा कि 30 जुलाई शुक्रवार तक महासमुंद सहित कई क्षेत्र के समाजजनों को इस बारे में कोई सूचना नही दी गई है।

बैठक के दौरान सर्वम्मति से निर्णय हुआ कि आनन-फानन में 2 अगस्त को तय किए गए लोकार्पण कार्यक्रम और उसकी रुपरेखा को आगामी निर्णय तक निरस्त किया गया। साथ ही इस संबंध में आगामी 13 अगस्त को बैठक आहूत कर कार्यक्रम की विधिवत रुपरेखा तय करने का निर्णय सर्वसम्मति से पारित हुआ। उल्लेखनीय है कि निजी स्वार्थवश समाज के कुछ लोगों द्वारा गुपचुप तरीके से कार्यक्रम तय किए जाने पर समाजजनों ने घोर आपत्ति जताई।

बैठक में राजेंद्र कनौजे, जीवन लाल सोनी, कमल नारायण आचार्य, ध्रुव सोनी, रामकुमार सोनी, संजीव सोनी, धर्मेंद्र सोनी, आदित्य सोनी, राजा सोनी, निर्मल सोनी, भारती सोनी, राखी सोनी, विक्की सोनी, नारायण प्रसाद सोनी, कांती सोनी, दीपिका सोनी, अंजू सोनी, ज्योति सोनी, प्रकाश सोनी, सीतेश सोनी, गिरीश सोनी, बसंत सोनी, विक्की सोनी, महेंद्र सोनी, अभिमन्यू सोनी, युवराज सोनी, अशोक सोनी, नंदकुमार सोनी, महेश सोनी, घनश्याम सोनी, प्रहलाद सोनी, लक्ष्मण सोनी, रामानंद सोनी, अंकित सोनी, रत्नेश सोनी, दीपक सोनी सहित समाजजन मौजूद रहे।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें