महासमुंद: भाईयों की कलाई पर सजेंगी बिहान दीदीयों की धान, बांस आदि से बनी राखियाॅ
महासमुंद: जिले की महिला स्व-सहायता समूह के
द्वारा हस्तनिर्मित राखी जिसे बहनों ने बड़ेे प्रेम और उत्साह से छोटे, नन्हें, बड़े भाइयों के लिए
बांस, धान, रखियाॅ बीज, मोती, रुद्राक्ष एवं ऊन
सूती धागा से मनमोहक आकर्षक तरीके से बनायी गयी है। इसे उन्होंने सौम्य बंधन का
नाम दिया है। बिहान बहनों ने छत्तीसगढ़ के साथ अपनी अन्य बहनों से इन राखियों को
अपने भाइयों की कलाई के लिए खरीद कर छत्तीसगढ़ की संस्कृति मिट्टी की खुशबू के साथ
इस पवित्र त्यौहार को हर्षोउल्लास से मनाने कहा है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी (आई.ए.एस.) आकाश छिकारा
ने बताया कि महिला स्व-सहायता समूह के उत्पादित सामग्रियों को सिरपुर के ब्रांड
नाम से विक्रय किया जा रहा है। इसके लिए जिला मुख्यालय, सभी ब्लॉक
मुख्यालयों में इनके द्वारा निर्मित अलग-अलग प्रकार की सामग्रियों के बिक्री के
लिए महिलाओं को स्टॉल भी उपलब्ध करायें गए है। इसके अलावा स्थानीय हाट बाजारों और
राजधानी रायपुर सहित पड़ोसी जिलो में भी इनकी माँग है। यहां पर महिला स्व-सहायता
समूह से उत्पादित सामग्रियों को बिक्री की जा रही। इससे महिलाओं के इस प्रयास से
उनके आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में आने वाले समय पर बेहतर परिणाम देखने को मिलने
लगा है। इससे महिलाएं अपने हुनर और योजना का लाभ उठाकर न केवल आर्थिक रूप से मजबूत
हो रही बल्कि वे आत्मनिर्भर बना रही है।