नीलांचल के कार्यक्रम में पहुँच रहे बीजेपी के कार्यकर्ता, क्या संपत अग्रवाल की होगी वापसी ? या भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई.. रुपकुमारी ने साधी चुप्पी
प्रदेश में तीन बार मुख्यमंत्री रहने के बावजूद डॉ. रमन सिंह को जिस निर्दलीय प्रत्याशी का नाम इशारों इशारों में लेकर तीखा वार करना पड़ा था वह नाम है संपत अग्रवाल, सम्पत ने विगत विधानसभा चुनाव में बीजेपी से बागी होकर निर्दलीय प्रत्याशी होने के बावजूद 50 हजार से अधिक वोट हासिल कर बीजेपी के प्रत्याशी डी.सी.पटेल को राजनीति से ऐसे बहार का रास्ता दिखाया की वो अब कहीं राजनीति के इर्द-गिर्द भी नजर नहीं आ रहे.
संपत अग्रवाल ने जिस प्रत्याशी को पैराशूट प्रत्याशी कहा था वह पैराशूट प्रत्याशी ही निकला, और चुनाव के बाद गायब हो गया. इसके बाद कार्यकर्ता अपना प्रतिनिधि माने भी तो किसे माने. कई कार्यकर्ता संपत को बीजेपी से टिकट नहीं मिलने के बाद भी उसका समर्थन करते रहे. और उनके लिए चुनाव प्रचार भी किये. और आज भी कई कार्यकर्ता संपत अग्रवाल के कार्यक्रम में पहुँच रहे हैं.
संपत अग्रवाल ने शुक्रवार को पिरदा क्षेत्र में अपने नीलांचल सेवा समिति कार्यालय का शुभारंभ किया, जिसमे बीजेपी के कार्यकर्ता भी शामिल थे, एक न्यूज़ पोर्टल में लगी खबर के अनुसार बीजेपी के दो पदाधिकारी शिव किशोर साहू और स्वप्निल तिवारी एवं अन्य वहां मौजूद थे.
संपत अग्रवाल की बीजेपी में वापसी हो सकती है, इस बात की चर्चा पुरे क्षेत्र में विगत कई दिनों से चल रही है, लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार संपत अग्रवाल की वापसी से कुछ दिग्गज बीजेपी नेताओं दिक्कत हो सकती है. जिसके कारण अब तक संपत अग्रवाल की बीजेपी में वापसी नहीं हो पा रही है.
आपको बता दें कि भाजपा जिलाध्यक्ष के द्वारा मंडल अध्यक्षों को व्हाट्सएप मैसेज के द्वारा एक सूचना चलाया गया था, जिसमे स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई थी, और जहा गया था कि पार्टी विरोधी कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं पर कार्यवाही होगी. परंतु देखने को मिलता है कि नीलांचल सेवा समिति के नए-नए कार्यालय के उद्घाटन एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों में भाजपा के अनेकों कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी नजर आते हैं.
वहीं इस मामले में कार्रवाई को लेकर जब भाजपा जिला अध्यक्ष रूपकुमारी चौधरी से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो इस मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया और चुप्पी साध ली.
शायद हो सकता है यह मामला अब बीजेपी के प्रदेश स्तर का हो, और शायद संपत की बीजेपी में वापसी भी हो सकती है.