महासमुंद: कलेक्टर ने घूम-घूम कर सरकारी कार्यालयों की साफ़-सफ... - CG Sandesh

महासमुंद: कलेक्टर ने घूम-घूम कर सरकारी कार्यालयों की साफ़-सफ़ाई की रियालिटी की चेक

सरकारी कार्यालय साफ सुथरे रखना नियमित प्रक्रिया का हिस्सा- कलेक्टर सिंह 

महासमुंद: कलेक्टर डोमन सिंह ने आज माह के तीसरे शनिवार को घूम-घूम कर कलेक्ट्रेट श्रम,जिला पंजीयक, उद्योग विभाग सहित अन्य कार्यालयों की साफ़-सफ़ाई की रियालिटी चेक ( वास्तविकता की जाँच) की। समाज कल्याण कार्यालय की साफ़-सफ़ाई की तारीफ़ की। वही मत्स्य विभाग,उद्योग विभाग,आदिवासी विकास विभाग,परिवहन विभाग में आज सफ़ाई नही होने पर नाराज़गी जतायी। ज़िला पंजीयक कार्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य शुरू नही होने पर नाखुश दिखे। जल्द शुरू करने लोकनिर्माण को निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर कबाड़,रद्दी पेपर आदि पाए जाने पर उन्होंने शीघ्र निराकरण करने कहा। जिला स्तर के कई कार्यालय आज सफाई के दौरान बंद पाए जाने पर असंतोष प्रकट किया। इस मौक़े पर उनके साथ संयुक्त कलेक्टर सुनील चंद्रवंशी साथ थे।

कलेक्टर डोमन सिंह ने कहा कि सरकारी कार्यालय साफ सुथरे रखना नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन विशेष सफाई अभियान के दौरान सरकारी कार्यालयों में सफाई के साथ -साथ पुराने रिकार्ड को भी व्यवस्थित तरीके से रखना भी सबका दायित्व है। उन्होंने कहा कि साफ.सफाई रहेगी तो संक्रामक बीमारी का खतरा भी नहीं रहेगा.   

उन्होंने मौक़े पर उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों से कहा कि आप गलियारों,कार्यालयों में जाए तो पान के दाग-धब्बे, कूड़ा-कबाड़ा और झूठे डिस्पोज़ल गिलास नजर आए तो संबंधित को सफ़ाई के लिए कहे। साफ-सफाई के नाम पर बंद कमरों में कूड़ा भरा है तो उसका नियमानुसार निराकरण करें। कार्यालय के शौचालयों भी साफ़-सुथरें रहे। उन्होंने बिजली के बेवजह इस्तेमाल और गंदगी को लेकर हकीकत का भी अवलोकन किया।  

मालूम हो कि कलेक्टर डोमन सिंह ने जनवरी में पद सम्भालते ही अधिकारियों की ली गयी पहली बैठक में दफ्तरों में स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने की हिदायत दी थी। माह के तीसरे शनिवार को कार्यालयों की विशेष साफ़-सफ़ाई के निर्देश दिए थे। काफ़ी हद तक ज़िले के सरकारी कार्यालय स्वच्छता की ओर बढ़ गए।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें